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    मनु भाकर

    भारत के सबसे चर्चित शूटिंग गुरू जसपाल राणा अपने शब्दों से मुकरते नहीं हैं। वह निशानेबाजों को फटकार लगाने वाले पहले व्यक्ति है,अगर उनके सिखाने के बाद शूटर गलती करते है और वही ऐसे गुरू हो जब किसी को समर्थन की आवश्यकता होती है तो वह सामने आते है। चाहे वह सीमा के अंदर या बाहर हो।

    इस साल जनवरी में राणा की सबसे सुशोभित छात्रो में से एक, मनु भाकर ने अपने आप को विवादो के में बीच पाया, जब उनके आधिकारीक ट्विटर अकाउंट से हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज के लिए ट्विट निकला: “सर प्लीज निश्चित करो क्या यह सही है या सिर्फ एक जुमला है।”

    यह ट्विट 2 करोड़ की पुरस्कार राशि के संदर्भ में था। जिसे, युवा ओलंपिक खेलो में उसके स्वर्ण पदक जीतने के लिए राज्य शासन द्वारा वादा किया गया था। अनिल विज ने अक्टूबर 2018 में किए अपने ट्विट में इस बात की घोषणा की थी, जिसके बाद मनु को उस दौरान पुरस्कार राशि नही दी गई।

    हालांकि, अब टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए इंडिया जूनियर पिस्टल के शूटिंग कोच जस्पाल राणा ने खुलासा किया है कि वह मनु नही थी, जिसने यह ट्विट किया था। वह कोई औऱ था जो उनका आधिकारिक अकाउंट चला रहा था और उनके ट्विटर हैंडल से यह पोस्ट किया था।

    बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए, प्रसिद्ध पूर्व शूटर और अब कोच ने कहा, “मुझे पता है कि वह मनु द्वारा की गई टिप्पणी नही है और जिसने ऐसा किया उसे जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मनु उस समय अपना ट्विटर हैंडल नही चला रही थी।”

    मनु, जो सिर्फ 16 साल की उम्र में आईएसएसएफ विश्वकप और राष्ट्रमंडल खेलो में स्वर्ण पदक जीती थी, उन्होने 2018 यूथ ओलंपिक में भी अपने नाम गोल्ड मेडल किया था।

    राणा ने महसूस किया कि इस तरह के विवादों का करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है जो बहुत सफल होने का वादा करता है।

    राणा ने आगे कहा, ” यह मनु और उनके खेल के लिए सही नही है। यह बहुत नाराजदायक था और जिन शब्दो का इस्तमाल किया गया था, वह ठीक नही थे। वह गलत था। वह अभी युवा है और उन्हे बहुत दूर तक जाना है।”

    By अंकुर पटवाल

    अंकुर पटवाल ने पत्राकारिता की पढ़ाई की है और मीडिया में डिग्री ली है। अंकुर इससे पहले इंडिया वॉइस के लिए लेखक के तौर पर काम करते थे, और अब इंडियन वॉयर के लिए खेल के संबंध में लिखते है

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