रविवार, सितम्बर 22, 2019
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मध्य प्रदेश विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन के लिए भाजपा विधायकों को प्रशिक्षण

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पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

भोपाल, 17 जून (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में डेढ़ दशक बाद विपक्ष की भूमिका में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए विधानसभा के भीतर बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है, लिहाजा उसने विधायकों को प्रशिक्षत करने की योजना बनाई है। इसकी जिम्मेदारी पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. गौरी शंकर शेजवार को सौंपी गई है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रविवार को सभी विधायकों लिखे एक पत्र में कहा है, “विधानसभा में महत्वपूर्ण विशयों पर चर्चा प्रभावी, जनहित के साथ परिणामदायी हो, इसके लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. शेजवार मार्गदर्शन देंगे। डॉ. शेजवार नियमित रूप से कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेंगे और विधायकों का ज्ञानवर्धन करेंगे।”

उल्लेखनीय है कि विधानसभा में सत्र से पहले विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जाते हैं, नए विधायक सरकार को मुसीबत में डालने वाले प्रश्न नहीं उठा पाते। इस बार विधानसभा में भाजपा के 108 विधायक हैं, जिसमें 29 पहली बार विधायक चुने गए हैं। इन विधायकों को प्रश्न बनाने से लेकर अन्य संसदीय कार्यो में दिक्कत आने की आशंका है, इसलिए विधायकों की परेशानी के समाधान के लिए डॉ. शेजवार की सेवाएं ली जा रही हैं।

डॉ. शेजवार विधायकों को जनहित के प्रश्न पूछने, ध्यानाकर्षण और स्थगन की सूचनाएं कैसे बनाई जाएं, इसका भी प्रशिक्षण देंगे।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, विधानसभा का सत्र आठ जुलाई से शुरू हो रहा है, और लगभग डेढ़ दशक बाद भाजपा विपक्ष में है। वर्तमान विधानसभा के दो सत्र हुए, जो बहुत अल्पावधि के थे, और इन सत्रों में विधायकों की ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रही। आगामी सत्र कुछ लंबा है, जिसमें भाजपा सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश करेगी, इसलिए विधायकों की तैयारी भी आवश्यक है।

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