सोमवार, फ़रवरी 17, 2020

मध्य प्रदेश विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन के लिए भाजपा विधायकों को प्रशिक्षण

Must Read

“अरविंद केजरीवाल को कभी आतंकवादी नहीं कहा”: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कभी दिल्ली के...

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें नागरिकता क़ानून के खिलाफ विरोध में लिया भाग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शुक्रवार को मांग की कि केंद्र देश में शांति और सद्भाव...

जम्मू कश्मीर मामले में भारत का तुर्की को जवाब; ‘आंतरिक मामलों में दखल ना दें’

भारत ने शुक्रवार को अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान जम्मू और कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन...
पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

भोपाल, 17 जून (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में डेढ़ दशक बाद विपक्ष की भूमिका में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए विधानसभा के भीतर बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है, लिहाजा उसने विधायकों को प्रशिक्षत करने की योजना बनाई है। इसकी जिम्मेदारी पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. गौरी शंकर शेजवार को सौंपी गई है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रविवार को सभी विधायकों लिखे एक पत्र में कहा है, “विधानसभा में महत्वपूर्ण विशयों पर चर्चा प्रभावी, जनहित के साथ परिणामदायी हो, इसके लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. शेजवार मार्गदर्शन देंगे। डॉ. शेजवार नियमित रूप से कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेंगे और विधायकों का ज्ञानवर्धन करेंगे।”

उल्लेखनीय है कि विधानसभा में सत्र से पहले विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जाते हैं, नए विधायक सरकार को मुसीबत में डालने वाले प्रश्न नहीं उठा पाते। इस बार विधानसभा में भाजपा के 108 विधायक हैं, जिसमें 29 पहली बार विधायक चुने गए हैं। इन विधायकों को प्रश्न बनाने से लेकर अन्य संसदीय कार्यो में दिक्कत आने की आशंका है, इसलिए विधायकों की परेशानी के समाधान के लिए डॉ. शेजवार की सेवाएं ली जा रही हैं।

डॉ. शेजवार विधायकों को जनहित के प्रश्न पूछने, ध्यानाकर्षण और स्थगन की सूचनाएं कैसे बनाई जाएं, इसका भी प्रशिक्षण देंगे।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, विधानसभा का सत्र आठ जुलाई से शुरू हो रहा है, और लगभग डेढ़ दशक बाद भाजपा विपक्ष में है। वर्तमान विधानसभा के दो सत्र हुए, जो बहुत अल्पावधि के थे, और इन सत्रों में विधायकों की ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रही। आगामी सत्र कुछ लंबा है, जिसमें भाजपा सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश करेगी, इसलिए विधायकों की तैयारी भी आवश्यक है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

“अरविंद केजरीवाल को कभी आतंकवादी नहीं कहा”: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कभी दिल्ली के...

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें नागरिकता क़ानून के खिलाफ विरोध में लिया भाग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शुक्रवार को मांग की कि केंद्र देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए संशोधित...

जम्मू कश्मीर मामले में भारत का तुर्की को जवाब; ‘आंतरिक मामलों में दखल ना दें’

भारत ने शुक्रवार को अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान जम्मू और कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की टिप्पणियों का जवाब दिया...

शाहीन बाग़ के लोगों ने वैलेंटाइन डे पर प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्योता

शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को उनके साथ वेलेंटाइन डे मनाने और आने का निमंत्रण...

हार्दिक पटेल 20 दिनों से लापता, पत्नी किंजल पटेल का आरोप

पाटीदार समुदाय के नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) अपनी पत्नी किंजल पटेल के अनुसार 20 दिनों से लापता हैं, जिन्होंने गुजरात प्रशासन पर अपने...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -