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    -Rajnath_Singh_

    जैसे जैसे राजस्थान में चुनाव की तारीखें जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे चुनाव प्रचार का आखिरी दौर मंदिर और गाय की तरफ मुड़ता जा रहा है।

    रविवार को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही कांग्रेसी नेता मंदिर जा कर पूजा पाठ करने लगते हैं। जबकि भाजपा के लिए ये संस्कृति का हिस्सा है।

    उन्होंने कहा ‘जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते हैं वैसे वैसे कांग्रेसी नेताओ का मंदिर दौरा बढ़ जाता है। मंदिर और गाय कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दा होंगे लेकिन भाजपा के लिए ये चुनावी मुद्दा नहीं है। भाजपा के लिए ये जीवन का आधार है।’ गृहमंत्री ने ये बातें राजस्थान के बानसूर में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा।

    राजनाथ सिंह का ये बयां राहुल गाँधी के उस बयां के बाद आया है जिसमे उन्होंने हिन्दू धर्म के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि समझ पर सवाल उठाया था। उदयपुर में एक सभा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा था ‘हिन्दू धर्म का सार क्या है? गीता क्या कहता है? ज्ञान हर किसी के साथ है … ज्ञान आपके चारों ओर है। प्रत्येक जीवित प्राणी स्वयं में एक ज्ञान है। हमारे प्रधानमंत्री का कहना है कि वह एक हिंदू है, लेकिन वह हिंदू धर्म की नींव को समझ नहीं पायें है। वह किस तरह के हिंदू है?

    राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक मुद्दे पर भाजपा पर राजनितिक फायदा लेने का आरोप लगाया और कहा कि मनमोहन सिंह ने भी तीन सर्जिकल स्ट्राइक किये थे लेकिन उन्होंने कभी ढिंढोरा नहीं पीटा?

    राहुल के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा ‘राहुल अब ये सब क्यों बता रहे हैं। उन्होंने सेना की बहादुरी के बारे में जनता को क्यों नहीं बताया? जनता को सेना की उपलब्धियों के बारे में जान्ने का हक है।’

    रैली में पाकिस्तान का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान अकेले आतंकवाद को नहीं संभाल सकता तो उसे भारत की मदद ले लेनी चाहिए। जम्मू और कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर कोई मुद्दा नहीं है। जम्मू और कश्मीर भारत का अंदरूनी हिस्सा है। अगर पाकिस्तान को आतंकवाद पर बात करनी है तो कर सकता है।’

    राज्य में विधानसभा की 200 सीटों पर 7 दिसंबर को वोट डाले जायेंगे।

    By आदर्श कुमार

    आदर्श कुमार ने इंजीनियरिंग की पढाई की है। राजनीति में रूचि होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कई वेबसाइट पर स्वतंत्र लेखक के रूप में काम किया है। द इन्डियन वायर पर वो राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं।

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