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भ्रष्ट नवाज़ शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ बने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री; इमरान खान को हटाए जाने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

भ्रष्ट नवाज़ शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ बने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री; इमरान खान को हटाए जाने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

कभी पाकिस्तान के  प्रधान मंत्री ठहर चुके नवाज़  शरीफ के 70 वर्षीय भाई और विपक्ष पीएमएल-एन के प्रमुख शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री के रूप में निर्विरोध चुना जा चुका है।  इमरान खान को शनिवार को हुए अविश्वास प्रस्ताव के बाद उन्हें संसद से बहार का रास्ता दिखाया गया।  इमरान खान ने अगले प्रधान मंत्री के चुनाव से पहले नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में इस्तीफा तक दे दिया। 

उनका कहना है कि वे  “चोरों” के साथ विधानसभाओं में नहीं बैठेंगे। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने चुनाव का बहिष्कार किया और सामूहिक रूप से इस्तीफा देने से पहले वाकआउट किया, जिससे नवाज़  शरीफ के भाई के चुनाव के लिए रास्ता साफ़ हो गया ।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शाह महमूद कुरैशी को अपना प्रधानमंत्री पद उमीदवार के रूप में मैदान पर उतारा था ।

हालांकि, सत्र से कुछ मिनट पहले, पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने घोषणा की कि सभी पीटीआई विधायक नेशनल असेंबली से इस्तीफा दे देंगे और “विदेशी एजेंडे” के आधार पर बनाई गई किसी भी सरकार में शामिल होने से परहेज़ ही करेंगे। यह इमरान खान के इस दावे के जवाब में था कि अमेरिका उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्ष के साथ साजिश कर रहा था।

फवाद  चौधरी ने कहा कि ये निर्णय, प्रधान मंत्री चुनाव से पहले पार्टी के सांसदों की एक बैठक में लिया गया था।

“जिस व्यक्ति के खिलाफ 16 अरब रुपये  और 8 अरब रुपये  का भ्रष्टाचार का एक मामला है … उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के लिए, देश का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता है। हम हैं नेशनल असेंबली से इस्तीफा, “पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने इमरान खान अकाउंट के हवाले से कहा। (हिंदी अनुवाद )

पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने भी इमरान खान के नेशनल असेंबली से इस्तीफे का एक फोटो भी शेयर किया।  

नवंबर 2020 में, शहबाज शरीफ, उनके बेटे हमजा शहबाज और सुलेमान शहबाज को एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नामित किया गया था। सुलेमान वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में रहता है।

पाकिस्तान की एक अदालत ने आज शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज के अभियोग को 27 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर उनकी अग्रिम जमानत बढ़ा दी है, जिससे पीएमएल-एन नेता को प्रधान मंत्री के रूप में पदभार संभालने की अनुमति मिल गई।

नेशनल असेंबली ने शनिवार देर रात इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रशासन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया। अविश्वास प्रस्ताव से हटाए जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने इमरान खान।

रविवार को सदन के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। शहबाज शरीफ के नामांकन पत्र को नेशनल असेंबली सचिवालय ने पीटीआई की आपत्तियों के बावजूद स्वीकार कर लिया था।  पीटीआई का कहना था कि शहबाज़ का नाम  विभिन्न कानूनी मामलों में हैं।

आवाम की आवाज़ इमरान के साथ 

इमरान खान ने ट्विटर पर अपने  प्रधान मंत्री  पद से  हटाने के खिलाफ विरोध का समर्थन करने के लिए अपने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने ट्वीटर पर कहा : “हमारे इतिहास में कभी भी इतनी भीड़ इतनी अनायास और इतनी संख्या में नहीं आई , जिसने बदमाशों के नेतृत्व वाली आयातित सरकार को खारिज कर दिया हो।” (हिंदी अनुवाद )

लोग सड़को पर आ कर अपना समर्थन इमरान खान को दिखा रहे है।  उनका कहना है कि उनके वोट बेचे नहीं जा सकते।  

एक लोकतांत्रिक देश  में एक नेता को देश द्वारा चुना जाना होता है। अप्रत्यक्ष चुनाव नहीं हो सकता। कई मतदाता अपने आप को ठगा हुआ महसूस करते हैं क्योंकि वे अपने चुने हुए नेता को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देख पाते हैं।

पेशावर हो या लाहौर, पाकिस्तान की आवाम इमरान खान को उनके पद से बेदखल करने का कड़ा विरोध कर रही है।   

खान ने अन्य ट्वीट में कहा, “पाकिस्तान 1947 में एक स्वतंत्र राज्य बन गया, लेकिन सत्ता परिवर्तन की एक विदेशी साजिश के खिलाफ आज फिर से स्वतंत्रता संग्राम शुरू हो गया है। यह हमेशा देश के लोग हैं जो अपनी संप्रभुता और लोकतंत्र की रक्षा करते हैं।”

जल्द हो चुनाव :

इमरान खान का कहना है जल्द ही चुनाव करवाने की ज़रूरत है ताकि लोग अपने चुने हुए नेता को ही प्रधान मंत्री के रूप में देखे।  

इमरान ने कहा : “हम तत्काल चुनाव की मांग कर रहे हैं क्योंकि आगे बढ़ने का यही एकमात्र तरीका है – लोगों को निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के माध्यम से तय करने देना है कि वे किसे अपना प्रधान मंत्री बनाना चाहते हैं।” (हिंदी अनुवाद )

 

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Surubhi Sharma

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