Fri. May 24th, 2024
    नरेंद्र मोदी

    भारत और बांग्लादेश ने एलपीजी आयात , वोकेशनल ट्रेनिंग और सोशल फैसिलिटी के क्षेत्रों में तीन परियोजनाओ का उद्घाटन किया है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि “दोनों देशो के बीच संबंधो की मूल नींव नागरिको के जीवन को बेहतर बनाना है।

    बांग्लादेश की प्रधानमन्त्री शेख हसीना ने कहा कि “शेख हसीना के साथ तीन और द्विपक्षीय परियोजनाओं को लांच करने का अवसर मिला है। बीते वर्ष विडियो कांफ्रेसिंग के जरिये नौ परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया था, इसमें आज लांच किया प्रोजेक्ट भी शामिल है। हमने एक साल में दर्ज़नो परियोजनाओं को लांच किया है।”

    उन्होंने कहा कि “आज लांच किये गए तीन प्रोजेक्ट विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित है, इसमें एलपीजी इम्पोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और सोशल फैसिलिटी शामिल है। बहरहाल, इन तीनो परियोजनाओं का एकमात मकसद अपने नागरिको के जीवनयापन में सुधार है। यह भारत-बांग्लादेश संबंधो का आधार है।”

    मोदी ने कहा कि “बांग्लादेश से बल्क एलपीजी की सप्लाई दोनों देशो के लिए फायदेमंद है। यह बांग्लादेश में निर्यात, आय और रोजगार में वृद्धि में मदद करेगा। परिवहन दूरी की कमी भी आर्थिक फायदा देगी और पर्यावरणीय क्षति को काम करेगी।”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत-बांग्लादेश प्रोफेसनल स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट प्रोजेक्ट कुशल व्यक्तियों और तकनिकी जानकारों को बांग्लादेश के उद्योगिक विकास के लिए तैयार करेगा। रामकृष्ण मिशन में स्थित विवेकानंद भवन के प्रोजेक्ट ने दोनों महान व्यक्तियों की जीवन से प्रेरणा ली है।”

    उन्होंने कहा कि “स्वामी रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद का हमारे समाज और हमारे मूल्यों पर गहरा प्रभाव है। बंगला संस्कृति की रूह और उदारता की तरह यह अभियान भी सभी त्योहारों का जश्न एकसमान ही मनाता है। यह हर समुदाय के त्योहारों का जश्न मनाता है। इस बिल्डिंग में 100 से अधिक यूनिवर्सिटी के छात्र और रिसर्च बुध्दिजीवी है। हमें गर्व है कि भारत और बांग्लादेश के सम्बन्ध दो मैत्रीपूर्ण पड़ोसियों के बीच सहयोग का महान उदहारण है।”

    प्रधानमन्त्री ने कहा कि बंगलादेशी समकक्षी हमारे संबंधो को अधिक ऊर्जा प्रदान करेंगे और भाषण का अंत “जय हिन्द, जय बंगला, जय भारत-बांग्लादेश दोस्ती” किया था।

     

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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