सोमवार, दिसम्बर 9, 2019

भारत और जापान ने 14.8 मिलियन येन की परियोजनाओं पर किये हस्ताक्षर

Must Read

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : तीसरे चरण का मतदान तय करेगा आजसू का राजनीतिक भविष्य

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण का मतदान संपन्न हो जाने के बाद सभी दल तीसरे चरण में...

उत्तर प्रदेश में दो और बलात्कार, औरेया में चलती कार में किया रेप, बिजनौर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को लेकर एक ओर जहां जनता में आक्रोश है, वहीं राज्य में...

रणजी ट्रॉफी : सांप के कारण विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच मैच में हुई देरी

यहां विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-ए का मैच सांप के कारण...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

ग्रांट असिस्टेंस फॉर ग्रासरूट प्रोजेक्ट्स के तहत दो परियोजनाओं पर भारत और जापान के बीच हस्ताक्षर हुए हैं। इसमें एक प्रोजेक्ट हुडा एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने 7.3 मिलियन येन की लागत से वंचित बच्चों के लिए स्कूल कम वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर का है और दूसरा, इलाहबाद के विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल हॉस्टल बिल्डिंग के रूफटॉप पर सोलर पीवी प्लांट के लिए ‘उतथान’ द्वारा निर्माण के प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किये गए हैं।

एक समारोह में भारत में नियुक्त जापान के राजदूत केंजी हीरामत्सु और सम्बंधित प्रतिनिधि संघठनो ने इस परियोजनाओं के दस्तावेजों पर दस्तखत किये थे। राजदूत हीरामत्सु ने कहा कि “यह मदद जनता के रहन में सुधार के लिए काफी मददगार होगी। साथ ही भारत और जापान के मध्य मैत्री रिश्तो और सहयोग को अधिक मजबूत करेगी।”

उन्होने कहा कि “इस मदद का इस्तेमाल वंचित लोगों की जिंदगियों और समाज की सहायता के लिए होगी। जापान किसी को पीछे न छोड़ने पर यकीन करता है, क्योंकि हम जानते हैं की हाशिये पर रहने वालो को सबसे अधिक सहायता की जरुरत होती है।”

भारत जापान की जीजीपी स्कीम का सबसे बड़े लाभार्थी हैं। इसके तहत जापानी सरकार स्कूल मुहैया करती है, स्वास्थ्य सुविधाओं, उपकरणों और अन्य सुविधाओं के लिए भारत के विभिन्न संगठनों को मदद करती है। शिक्षा की जरुरत पर जोर देते हुए राजदूत ने कहा कि “अगर सभी बच्चे भारत में स्कूल जाने लगेंगे और सीखने का लुत्फ़ को महसूस करेंगे तो देश आर्थिक और सामाजिक स्तर पर आगे बढ़ेगा।”

उन्होंने कहा कि “शिक्षा वंचित छात्रों को बेहतर रोजगार मुहैया कराने का अवसर मुहैया करेगा और बेहतर भविष्य की उम्मीद बांधेगा।” राजदूत ने कहा कि “मैं इस प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर कर आभार व्यक्त करता हूँ क्योंकि इससे अधिक वंचित बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा। साथ ही उन्हें भविष्य में रोजगार के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।

SourceANI
- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : तीसरे चरण का मतदान तय करेगा आजसू का राजनीतिक भविष्य

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण का मतदान संपन्न हो जाने के बाद सभी दल तीसरे चरण में...

उत्तर प्रदेश में दो और बलात्कार, औरेया में चलती कार में किया रेप, बिजनौर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को लेकर एक ओर जहां जनता में आक्रोश है, वहीं राज्य में ऐसे मामलों को लेकर शिकायतों...

रणजी ट्रॉफी : सांप के कारण विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच मैच में हुई देरी

यहां विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-ए का मैच सांप के कारण देरी से शुरू हुआ। मैच...

पीएम मोदी व कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को दीं जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनके 73वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मोदी ने ट्वीट किया, "श्रीमती सोनिया गांधी...

संसद शीतकालीन सत्र : राज्यसभा ने दिल्ली अग्निकांड पर शोक जताया

राज्यसभा ने सोमवार को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग इलाके में भयानक आग की चपेट में आकर 43 मजदूरों के मारे जाने पर शोक...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -