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चाबहार बंदरगाह: भारत से बेहतर कारोबारी सम्बन्ध चाहता है ईरान

ईरान

अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद ईरान भारत के साथ व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है। इसमें बैंकिंग चैनलस भी शामिल है।

दा हिन्दू के मुताबिक भारत के साथ संबंधों को बेहतर करने के लिए नयी दिल्ली आये सात सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधि समूह के अध्यक्ष हामिद राजा फाउलडगर ने बताया कि “सिर्फ यूको बैंक के ही ईरान के साथ सम्बन्ध है।”

उन्होंने कहा कि “दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर और कस्टम को कम करने के लिए भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते की जरुरत है। भारत और ईरान के बीच व्यापार 10 अरब और 13 अरब डॉलर है, यह सुधार की तरफ इशारा करती है।”

अमेरिका के प्रतिबन्ध के बाबत उन्होंने कहा कि “हम अपनी आज़ादी की अदाएगी प्रतिबंधों और पाबंदियों से कर रहे हैं। हमने परमाणु संधि की सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। हालाँकि अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं कर रहा है। इंटेरबेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने हमारी सुविधाओं की 14 बार जांच की है और राज़ी हुए है कि ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाया है, लेकिन अब अमेरिका ईरान पर मानव अधिकार के उल्लंघन को लेकर दबाव बना रहा है।”

चाहबार बंदरगाह

इस वर्ष के शुरुआत में भारत ने चाहबार बंदरगाह का संचालन अपने अधिकार में ले लिया था। यह ईरान, भारत और अफगानिस्तान के रणनीतिक मार्ग को जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि “भारत के लिए मध्य और पश्चिमी एशिया तक पंहुच के लिए चाहबार बंदरगाह बेहद महत्वपूर्ण है। चाहबार बंदरगाह से माध्यम से अफगानिस्तान और भारत आलिशान पर्यटन की शुरुआत कर सकते हैं। यह बेहद कम ख़र्चीला मार्ग है। तेहरान से चाहबार रेल के माध्यम से जुड़ा हुआ है।”

कॉउंसल जनरल खुसरो रेज़ा ज़दह ने कहा कि “ईरान को पर्यटन में बढ़ावा करने के लिए भारतीयों को वीजा और ई  वीजा की सुविधाएँ देनी होगी। पासपोर्ट्स पर कोई स्टाम्प नहीं होगी। ईरान के एयरपोर्ट ही आधे घंटे में वीजा मुहैया किया जायेगा। हम ई वीजा सुविधा की भी शुरुआत करेंगे। कारोबार के लिए छह माह तक मल्टी वीजा ले सकते हैं।”

आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय कलान्तरि ने कहा कि “प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से सबसे अधिक भारत निर्यात करता है। चाहबार में भारतीय निवेश के बाद ईरान के साथ कारोबार की अवसर काफी खुल गए हैं। हम सड़क के सभी मसलों को व्यापार में वृद्धि के साथ सुलझाएंगे। सिर्फ यूको बैंक ही ईरान के साथ व्यापार करने का जरिया है, इसमें हमें अधिक बैंकों की जरुरत है।”

अम्बित कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ रस्तोगी ने कहा कि “ईरान का भारत के साथ 6.5 अरब डॉलर सरप्लस ट्रेड है। ईरान जिंक और कॉपर का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता है। विश्व में अधिकतर चीजों के लिए जिंक की जरुरत होती है।”

About the author

कविता

कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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