इजराइल-फिलिस्तीन (Israel-Palestine) हिंसा के ताजा मामले पर भारत ने रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ी है। भारत ने हिंसा की निंदा करते हुए सुरक्षा परिषद की मीटिंग में कहा कि वह दोनों पक्षों में यथास्थिति में एकतरफा बदलाव न करने की अपील करता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि तिरूमूर्ति ने कहा कि गजा पट्टी में होने वाले रॉकेट हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है। साथ ही दोनों देशों से तत्काल तनाव खत्म करने की अपील करता है।

नई दिल्ली ने चुप्पी तोड़ते हुए दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि हम दोनों पक्षों से यथास्थिति में एकतरफा बदलाव न करने की अपील करते हैं, दोनों को शांति व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।

हमले का किया विरोध

भारत ने गाजा पट्टी से इजरायल के रिहायशी इलाकों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की। टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि गाजा की तरफ से हुए गए हमलों में कई लोगों की मौत हुई है, जिसमें एक भारतीय महिला सौम्या संतोष भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हम भारतीय महिला सहित इस हिंसा में जान गंवाने वाले सभी के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और उम्मीद जताते हैं कि यह खूनी खेल अब बंद होगा’।

वार्ता बहाल करने का भारत ने किया समर्थन

तिरुमूर्ति ने कहा कि पिछले हफ्ते पूर्वी यरुशलम में शुरू हुई हिंसा के नियंत्रण से बाहर जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम से सुरक्षा परिस्थितियों के हालात तेजी से बिगड़े हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत इजराइल और फलस्तीन के बीच वार्ता बहाल करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के हरसंभव प्रयास का समर्थन करता है।

इजराइल में भारत के नागरिक की भी गई जान

तिरुमूर्ति ने आगे कहा, ‘इस रॉकेट हमले में भारत ने इज़राइल में रहने वाले अपने एक नागरिक को भी खो दिया है। वह अशकलोन में परिचारिका के तौर पर काम करने वाली एक महिला थीं। हम उनके समेत अन्य सभी नागरिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हिंसा, उकसावे और विध्वंस के मौजूदा घटनाचक्र में अपनी जान गंवाई है।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रविवार को मध्य-पूर्व में जारी हालात पर खुली बैठक की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इजराइल और गाजा के बीच तनाव को ‘बेहद गंभीर’ करार दिया।


दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

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