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    भाजपा ने केंद्रीय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति का किया गठन, संसदीय बोर्ड से हटाए गए नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान

    भाजपा ने बुधवार को नए केंद्रीय संसदीय बोर्ड का गठन किया है। 11 सदस्यों वाले संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जगह नहीं मिली है। गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने पिछले माह 24 जुलाई को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, ‘मन करता है राजनीति छोड़ दूं’। वहीं बोर्ड में इस बार 6 नए लोगों को जगह मिली है।

    11 सदस्यों वाले नए संसदीय बोर्ड में पहली बार सिख समुदाय से इकबाल सिंह लालपुरा को शामिल किया गया है। लालपुरा पूर्व पुलिस अधिकारी रह चुके हैं और निवर्तमान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हैं।

    11 सदस्यों में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, असम के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया, के लक्ष्मण शामिल हैं। इनके अलावा बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह और पार्टी के संगठन महासचिव बीएल संतोष को जगह मिली है।

    इसके साथ ही भाजपा ने 15 सदस्यों की केंद्रीय चुनाव समिति का गठन किया है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जुएल ऊरांव, शाहनवाज हुसैन, पार्टी की पूर्व महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया रहाटकर को भी केंद्रीय चुनाव समिति से हटाया गया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को जगह मिली है।

    इसके अलावा भूपेंद्र यादव, ओम प्रकाश माथुर और महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनथी श्रीनिवास नए चेहरे के तौर पर चुनाव समिति में शामिल किए गए हैं। इनके अलावा इस टीम में पीएम मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह के अलावा बीएस येदियुरप्पा, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया, बीएल संतोष को जगह दी गई है।

     

    सर्बानंद सोनोवाल असम के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। केंद्र में मंत्री है। अगले साल नार्थ ईस्ट के कई राज्यों में चुनाव होंगे, जिसका सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा मिलेगा।

    भाजपा ने हरियाणा से आने वाली सुधा यादव को शामिल किया है। सुधा यादव ओबीसी से आती है। सुधा यादव अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल के दौरान सांसद रह चुकी है।

    अगले साल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है। मध्य प्रदेश से आने वाले राज्यसभा सांसद सत्य नारायण जटिया को भाजपा ने संसदीय बोर्ड में शामिल कर बड़ा सियासी मैसेज दिया है।

    येदियुरप्पा कर्नाटक के सबसे ज्यादा चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। तीन बार नेता विपक्ष रहे हैं। मुख्यमंत्री पद के हटाए जाने के बाद अब येदुरप्पा को संसदीय बोर्ड में लाया गया है। 

    डॉ. के. लक्ष्मण फिलहाल बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ये तेलंगाना राज्य से आते हैं। भाजपा तेलंगाना के चंद्रशेखर राव को चुनौती देना चाहती है और इस काम में के लक्ष्मण अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

    गठबंधन से लेकर हर बड़े फैसले बोर्ड की 11 सदस्यीय टीम लेती है। इसके अलावा राज्यों में मुख्यमंत्री का चेहरा या विधान परिषद का नेता चुनने का काम भी इसी इकाई का होता है।

    चुनाव समिति के सदस्य लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव के टिकटों पर फैसला लेते हैं। चुनावी मामलों की सभी शक्तियां पार्टी की चुनाव समिति के पास हैं।

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