दा इंडियन वायर » विदेश » ब्रिक्स के बाद चीन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री को बुलाया
विदेश

ब्रिक्स के बाद चीन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री को बुलाया

चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा
चीन ने अपने इस घोषणापत्र पर सफाई देते हुए कहा कि चीन भी आतंकवाद का शिकार हुआ है। इसके अलावा आतंकवाद से सभी ब्रिक्स देशों को बड़ा खतरा है।

ब्रिक्स 2017 में चीन ने माना कि पाकिस्तान में आतंकवाद को पनाह दी जा रही है। इसके बाद पाकिस्तान ने चीन की खूब किरकिरी की। मामले को सुलझाने के लिए चीन ने अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री आसिफ ख्वाजा को चीन बुलाया है।

ब्रिक्स में चीन द्वारा पाकिस्तान को आतंकवादी देश करार देने के बाद कई चीनी विशेषज्ञों को लगता है कि यह चीन की बड़ी गलती है। चीनी प्रवक्ता हु शीशेंग ने कहा, ‘ब्रिक्स में यह घोषणा करने से पहले पाकिस्तान की राय नहीं ली गयी और पाकिस्तान को यह अच्छा नहीं लगेगा। आने वाले दिनों में चीनी अधिकारीयों को पाकिस्तान को इसकी सफाई देनी होगी वर्ना यह चीन के लिए भारी पड़ सकता है। ट्रम्प ने पहले ही पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है और पाकिस्तान इससे गहरे दबाव में है।’

पाकिस्तान की आंतरिक हालत इस समय ठीक नहीं है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इसके बाद पाकिस्तान की राजनीति भी लड़खड़ा गयी है। हालाँकि पाकिस्तान ने अस्थायी रूप से प्रधानमंत्री चुना है, लेकिन इससे देश की राजनीति में स्थिरता नहीं आयी है।

इसके अलावा अंतराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को लगातार दूसरे देशों के ताने सुनने पड़ रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी, कि यदि पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाई नहीं करता है, तो उसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। इसके बाद पाकिस्तान चारों और से बेनकाब हो गया है।

ऐसे में पाकिस्तान को अब चीन ही एक सहारे के रूप में दिख रहा है। चीन के लिए भी पाकिस्तान बहुत जरूरी है। चीन के चीन पाकिस्तान आर्थिक मार्ग में पाकिस्तान का बड़ा हाथ है। यह मार्ग पाकिस्तान द्वारा कब्ज़ा किये कश्मीर से होकर गुजरता है। ऐसे में व्यापार के मामले में चीन को पाकिस्तान की जरूरत है।

इसी के मद्देनज़र चीन ने यह माना है कि ब्रिक्स में पाकिस्तान को आतंकवादी देश बताना एक बहुत बड़ी गलती थी और अब चीन को इससे सुधारना होगा।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री आसिफ ख्वाजा बहुत जल्द चीन जाएंगे। इसके बाद आसिफ रूस, टर्की और ईरान भी जाएंगे जहाँ वे पाकिस्तान के लिए मदद की गुहार करेंगे।

चीन ने अपने इस घोषणापत्र पर सफाई देते हुए कहा कि चीन भी आतंकवाद का शिकार हुआ है। इसके अलावा आतंकवाद से सभी ब्रिक्स देशों को बड़ा खतरा है। देखना होगा कि चीन की इस सफाई से उसके और पाकिस्तान के रिश्तों में कितना सुधार आता है।

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!