अपने फोन की बैटरी बैकअप को कैसे बढ़ाएँ?

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इस लेख में हमनें बताया है कि आप अपने फोन की बैटरी बैकअप (battery backup) को कैसे बढ़ा सकते हैं?

  • वाइब्रेशन को कम कर दें और हेप्टिक फीडबैक् को भी कम कर दें – हर फोन में ईआरएम होता है जिसे हम ईसेंट्रिक रोटेटिंग मास वाइब्रेशन मोटर बोलते हैं जिसमे की असामान्य भार जुड़ा हुआ होता है। इस लोड के घूमने की वजह से ही फोन में वाइब्रेशन होता है। अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर साउंड में जाएँ। उसके बाद टच के वाइब्रेशन को डिसेबल कर दीजिये यदि आपको इसकी जरूरत नहीं है। कुछ कस्टम कीबोर्ड जो होते हैं उनमे टाइपिंग के वक़्त वाइब्रेशन को बंद करने का भी विकल्प होता है।  
  • डिस्प्ले ओप्टिमाईजेशन – प्रॉसेसर के अलावा डिस्प्ले भी आपकी सारी बैटरी की क्षमता को खींच लेता है। सेटिंग्स में जाइए उसके बाद डिस्प्ले के विकल्प को खोलिए। इसमे जाकर आप अड़ेपटिव ब्राइटनेस को बंद कर दीजिये क्योंकि यह विकल्प सबसे ज्यादा बैटरी खाता है। यदि आपको बार बार अपने फोन की ब्राइटनेस बढ़ाने की आदत नहीं है और आप ज़्यादातर समय घर के अंदर ही रहते हैं तो अड़ेपटिव ब्राइटनेस का विकल्प आपके लिए बहुत सही रहेगा। इसकी मदद से आपकी बैटरी की क्षमता बढ़ जाएगी।   

आपके फोन के स्लीप वाले विकल्प को भी एक मिनट या फिर उससे कम ही रखें। यह आपकी स्क्रीन के चलने के टाइम को कम कर देता है आपके इस्तेमाल करने के बाद यह स्क्रीन को बंद करता है। या तो किसी गहरे रंग के वालपेपर को आप लगाएँ या फिर डार्क थीम को लगाएँ या फिर अपने फोन को नाइट मोड में रखें। काफी एप्स में नाइट मोड का विकल्प होता है। बैटरी बचाने के साथ साथ यह आपकी आँखों पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है। यदि आपके फोन में प्रोक्सिमिटी वेक का विकल्प है तो जब भी आप इसको बंद कर दें क्योंकि यह भी आपकी बैटरी को खाता है।

  • अनिमेशन को बंद कर दें – अनिमेशन एक अलग तत्व है जो की बैटरी को ठेस पहूँचाता है। अनिमेशन को बंद करने के लिए आपको सबसे पहले डेवलपर विकल्प को चुनना पड़ेगा। इस जगह पर जाने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाना पड़ेगा। यदि आपको डेवलपर सेटिंग्स नहीं मिलती है तो सबसे पहले सेटिंग्स में जाइए उसके बाद अबाउट फोन में जाइए और बिल्ड नंबर पर स्क्रीन पर कई बार टेप करें। फिर उसके बाद दुबारा सेटिंग्स में जाइए और डेवलपर विकल्प को चुनिये। इसके बाद आपको तीन विकल्प दिखेंगे जो हैं विंडोज अनिमेशन स्केल, ट्रानजिशन अनिमेशन स्केल और अनिमेशन ड्यूरेशन स्केल। इन सभी चीजों को बंद करने के बाद आपको आपके फोन में कुछ बदलाव दिखेगा जिससे की आपकी बैटरी की लाइफ अच्छी हो जाएगी।   
  • जब जरूरत नहीं हो तब वायरलेस् सर्विस को बंद कर दें – जब भी उसका उपयोग नहीं हो वाईफाई और ब्लुटूथ को बंद कर दें। जब आपका वाईफाई चालू होता है उस समय मोबाइल बार बार नए नए नेटवर्क को सर्च करता रहता है। इसी तरह जब भी ब्लुटूथ चालू होता है तब भी आपकी बैटरी पर इसका प्रभाव पड़ता है। केवल जरूरत के वक़्त ही जीपीएस को चलाएँ और जब जरूरत नहीं हो तब जीपीएस को बंद कर दीजिये जिससे की यह आपकी बैटरी नहीं खाए। जब आप ज्यादा बड़ी यात्रा कर रहें हैं तो उस वक़्त आपका फोन बार बार नए नेटवर्क को सर्च करता है सिग्नल लेने के लिए इस वजह से भी आपकी बैटरी काफी मात्रा में खराब होती है। इस वजह से यह बेहतर होगा की आप अपने फोन को एयरप्लेन मोड में चलाएँ जिससे की आपकी बैटरी की खपत ज्यादा नहीं हो। यदि आपके पास किसी का कॉल नहीं आने वाला हो तभी ऐसा करें।
  • ऑटो सींक और बैक्ग्राउण्ड डाटा को बंद कर दें – जीतने भी पीछे की तरफ प्रोसैस चलते रहते हैं उनको बंद कर दीजिये जिससे की बैटरी की खपत ज्यादा नहीं हो। इसको करने के लिए सेटिंग्स में जाइए उसके बाद अकाउंटस में जाइए। फिर यह देखिये की आपकी अकाउंट की सींक सर्विस चालू तो नहीं है अगर है तो जिन जिन अकाउंट की सींक सर्विस ज्यादा उपयोगी नहीं है उसे बंद कर दीजिये। इससे भी आपकी बैटरी की खपत कम होगी। काफी सारे एप्स इंटरनेट चालू रहने की स्थिति में काफी मोबाइल डाटा खाती हैं इस वजह से भी हमें काफी नुकसान होता है। इसके लिए सेटिंग्स में जाइये उसके बाद डाटा यूसेज को खोलिए उन एप्स पर क्लिक करें जिनको आपको बैक्ग्राउण्ड में चलाने की जरूरत नहीं है। उसके बाद रेस्ट्रिक्ट एप बैक्ग्राउण्ड डाटा को लिमिट में सेट कर दें इससे भी आपकी बैटरी की क्षमता अच्छी हो जाएगी।    
  • रिसेंट एप्स को क्लियर करदे और कुछ ही विडजेट्स का इस्तेमाल करें – किसी भी एप को इस्तेमाल करने के बाद ही बंद कर दें जिससे की वह एप बैक्ग्राउण्ड में नहीं चले क्योंकि यह भी काफी बैटरी खाता है। रिसेंट पैनल को भी समय समय पर क्लियर करते रहें। जो भी विडजेट्स होम स्क्रीन पर रहते हैं वह समय समय पर अपडेट होते रहते हैं जिससे की वे नया कंटैंट दिखाते रहें। यह एप को स्लीप में जाने से भी रोकता है। तो आपके फोन की बैटरी लाइफ को बढ़ाने के लिए विडजेट्स को कम से कम ही रखें।
  • गूगल एप ओपटिमाइजेशन ट्रिक – गूगल असिस्टेंट एक काफी बेहतर तकनीकी है पर इसका वॉइस रेकोग्नीशन का जो विकल्प है वह हमेशा ओके गूगल सुनने के लिए तैयार रहता है। यदि आप इस विकल्प को ज्यादा इस्तेमाल करना सही नहीं समझते तो फिर बेहतर है की आप इसे डिसेबल करदे। इसको करने के लिए सबसे पहले गूगल एप पर क्लिक करें उसके बाद सेटिंग्स में जाइए फिर वॉइस में और फिर ओके गूगल में। उसके बाद आप इस विकल्प को डिसेबल कर सकते हैं जिससे की आपकी बैटरी की खपत ज्यादा नहीं हो पाए।   
  • अपने एप्स को मैनेज करें – केवल उनही एप्स को अपने फोन में रखें जिन एप्स की जरूरत आपको समय समय पर पड़ती रहती है। ज्यादा एप्स रखने की वजह से आपका फोन भी धीरे हो जाता है और आपकी बैटरी की भी क्षमता कम हो जाती है। आप यह भी देख सकते हैं की कौनसी एप्स कितनी बैटरी खा रही है। इसके लिए आपको सेटिंग्स में जाकर बैटरी में जाना पड़ेगा। उस एप को अनइन्स्टाल करदे जो आपके काम की नहीं है और जो ज्यादा बैटरी खाती हैं। कुछ एप्स के लाइट वर्जन भी आते हैं जिनहे हम कम बैटरी खपत के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। प्लेयस्टोर के ऑटो अपडेट विकल्प को भी बंद करदे इससे भी आपकी बैटरी की क्षमता सही रहेगी।                                        

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