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भारत में बिटकॉइन कारोबार को लेकर अरूण जेटली ने दोबारा चेताया

बिटकॉइन कारोबार से सावधान रहें
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बिटकॉइन कारोबार को लेकर एक बार फिर चेतावनी दी है, उन्होंने बिटकॉइन लीगल टेंडर नहीं माना है।

साल 2017 में जैसे बिटकॉइन कारोबार ने धूम मचा रखी थी, लेकिन इस बदनाम क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार ने अपना रूख स्प्ष्ट कर दिया है। क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को लेकर वित्त मंत्री अरूण जेटली का एक बार फिर से ताजा बयान सामने आया है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि बिटकॉइन भारत में लीगल टेंडर नहीं है। उन्होेंने कहा कि सरकार बिटकॉइन से जुड़ी किसी भी घटना पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। आप को बता दें कि सरकार द्वारा भारत में ​अब तक कुल 11 क्रिप्टोकरेंसी की पहचान की जा चुकी है।

सरकार ने 29 दिसंबर को निवेशकों को चेतावनी दी थी कि बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्राओं से सावधान रहें। कानूनी निविदा के अभाव में बिटकॉइन पोंजी स्कीम की तरह है, इस कारोबार में निवेश किया गया पैसा कभी भी डूब सकता है। विशेषकर खुदरा ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पानी में जा सकती है।

वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि उपभोक्ताओं को बिटकॉइन करोबार से बेहत सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि यह पोंजी स्कीम की तरह है, जिसका कोई भरोसा नहीं है।

आभासी मुद्रा बिटकॉइन से सरकार का कोई लेनादेना नहीं

बिटकॉइन कारोबार को किसी प्रकार का सरकारी समर्थन प्राप्त नहीं है। बिटकॉइन कोई लीगल टेंडर नहीं है। भले ही आभासी मुद्रा बिटकॉइन को सिक्के के रूप में चिन्हित किया जा रहा है लेकिन बिटकॉइन ना ही सिक्का है और ना ही कोई सरकारी मुद्रा।

अभासी मुद्रा बिटकॉइन को सरकार अथवा भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनिमय माध्यम के रूप में किसी प्रकार से अधिकृत नहीं किया है। ऐसे में बिटकॉइन कारोबार में निवेश करते वक्त उसके जोखिमों से सावधान रहने की जरूरत है।

रिजर्व बैंक पहले ही दे चुका है यह चेतावनी

गौरतलब है कि आरबीआई बिटकॉइन जोखिमों को लेकर उपभोक्ताओं, धारकों तथा निवेशकों को तीन बार क्रमश: दिसंबर, 2013, फरवरी, 2017 और दिसंबर, 2017 में आगाह कर चुका है। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्राओं को संचालित करने के लिए किसी भी वित्तीय इकाई/कंपनी को कोई भी लाइसेंस/प्राधिकरण नहीं दिया है।

सरकार का स्पष्टीकरण

सरकार ने भी बिटकॉइन को लेकर अपने बयान जारी कर दिए हैं। सरकार ने कहा है कि यह कोई कानूनी निविदा नहीं है, ऐसे आभासी मुद्राओं को लेकर भारत में किसी प्रकार की विनियामक अनुमति नहीं है। निवेशकों तथा अन्य ​उपभोक्ताओं को अपने जोखिम पर कारोबार करना होगा, और इसके जोखिमों से बचने सबसे अच्छा तरीका है, बिटकॉइन करोबार से दूर रहें।

भारत सहित दुनियाभर के निवेशकों ने बिटकॉइन से सावधान रहने की चेतावनी दी है। संयुक्त राज्य अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर थॉमस कैपर के अनुसार, बिटकॉइन ने जिस तरीके से अपना विस्तार किया है, उससे सावधान रहने की जरूरत है।

अधिकृत मुद्रा नहीं

निवेशक वॉरेन बफेट ने साल 2014 में एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि अभासी मुद्राएं विशेषकर बिटकॉइन एक मृगतृष्णा तरह है, जिससे निवेशकों को दूर रहना चाहिए। बफेट ने इसी इंटरव्यू में यह भी कहा था कि बिटकॉइन में काली कमाई लगा सकते हैं, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं बनता है।

क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पर बात करते हुए वॉरेन बफेट ने इस साल अक्टूबर में मार्केटवॉच को बताया कि आप बिटकॉइन पर तनिक भी भरोसा नहीं कर सकते हैं, क्यों कि यह मूल्य उत्पादक परिसंपत्ति नहीं है। बिटकॉइन कारोबार पोंजी स्कीम और पानी के बुलबुले के समान है।

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