शनिवार, फ़रवरी 15, 2020

बांग्लादेश के साथ साझेदारी भारत की प्राथमिकता है: सुषमा स्वराज

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

भारत और बांग्लादेश के मध्य 5 वीं जॉइंट कंसल्टेटिव कमिटी की बैठक में शुक्रवार को भारत की विदेश मंत्री ने अपने बांग्लादेशी समकक्षी से मुलाकात की थी। इस आयोजन के शुरुआत में सुषमा स्वराज ने कहा कि “बांग्लादेश को भारत अधिकतम संभव मदद मुहैया करने के लिए हमेशा तत्पर है। प्रगतिशील और समृद्ध बांग्लादेश, भारत के राष्ट्रिय हित के लिए जरूरी है।”

सुषमा स्वराज ने कहा कि दोनों मुल्क भारत और बांग्लादेश को रक्षा और सुरक्षा में साझेदारी को मज़बूत करना जारी रखना चाहिए। साथ ही आतंकी समूहों के खिलाफ सहयोग में इजाफा करने की जरुरत है। सुषमा स्वराज अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन के साथ इस बैठक का प्रतिनिधित्व कर रही थी।

उन्होंने कहा कि “भारत की प्राथमिकता में बांग्लादेश के साथ साझेदारी शीर्ष पर शुमार है। मैं दोहराना चाहती हूँ कि भारत प्रधानमंत्री शेख हसीना के विकासशील एजेंडा के पूरे समर्थन में है। हम जब तक बांग्लादेश को अधिकतम संभव मदद मुहैया करने को तत्पर है, जब तक बांग्लादेश एक सुरक्षित, समृद्ध और प्रगितिशील नहीं हो जाता, क्योंकि यह भारत के राष्ट्रिय हित में हैं।”

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि “इसी कारण हमारी सरकार बांग्लादेश के साथ सभी द्विपक्षीय मसलों का हल निकालना चाहती है। बांग्लादेश के जल्द आर्थिक विकास के लिए भारत और बांग्लादेश के नजदीकी आर्थिक सहयोग जरूरी है और साथ ही सीमा पार से इंफ्रास्ट्रक्चर लिंक भी जरुरी है, जिसमे ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट शामिल है। दोनों राष्ट्रों का आर्थिक विकास साझेदारी का महत्वपूर्ण पड़ाव है।”

सुषमा स्वराज ने ऊर्जा क्षेत्र, सड़क निर्माण, रेलवे, बंदरगाह, आंतरिक जलमार्ग ऐसी कनेक्टिविटी संयुक्त फायदे के लिए होंगे, जो रोजगार का सृजन करेंगे, कीमतों में कमी और दोनों राष्ट्रों के मध्य व्यापक गतिशीलता को बढ़ावा देंगे।

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