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    बांग्लादेश में चुनावी जंग शुरू

    बांग्लादेश में रविवार को चुनाव का अंत हो चुका है, हालांकि चुनावी माहौल में हिंसाजनक परिस्थितियां उत्पन्न हुए थे। बांग्लादेश में चुनाव के दौरान हिंसा हुआ जिसमें 12 लोगों की हत्या हुई थी। चुनावों में चौथी बार लगातार शेख हसीना का सत्ता में वापसी को संभावनाएं बनी हुई है।

    तीन लोगों की हत्या पॉलिसी की होली से हुई है जबकि आठ सत्ताधारी पैटी और विपक्षी पार्टी के मध्य गतिरोध में मारे गए हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक विपक्षी दल के हथियारों और डंडों से पीटने के कारण एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गयी है। मतदान को प्रक्रिया शाम 4 बजे तक समाप्त हो गयी थी, जो कड़ी सुरक्षा में हुआ था।

    शेख हसीना ने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए आवाज़ उठाई थी और बांग्लादेश में कई आर्थिक व सामाजिक सुधार भी कोई हैं।

    विपक्षी दल ने बताया कि बांग्लादेश की पुलिस ने अभी तक 10,500 विपक्षी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अमेरिका ने हाल ही में बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार से निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने को कहा था।

    विपक्षी दलों ने कहा कि 8 नवम्बर को चुनाव के ऐलान के बाद गिरफ्तारियों ने भय का माहौल तैयार कर दिया है। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनल पार्टी की मज़बूत दावेदार खालिदा जिया अभी 17 वर्ष के कारावास की सज़ा काट रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के 7021 कार्यकर्ताओं को नज़रबंद रखा गया है।

    बीएनपी के प्रवक्ता रिज़वी अहमद ने कहा कि आवामी लीग पार्टी और कानून निर्माता विभाग ने हमारे 28 संसदीय क्षेत्रों के उम्मीदवारों पर हमले किये हैं। उन्होंने कहा हमारे 19 उम्मीदवार और 100 से अधिक कार्यकर्ता इस हमले में घायल हुए थे। चुनाव प्रचार की शुरूआत से हमारे 152 उम्मीदवारों पर हमले किये गए हैं।

    पुलिस का इनकार

    पुलिस के प्रवक्ता सोहेल राणा ने गिरफ्तारी के आंकड़े साझा करने से इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि बिना वारंट के बेबुनियादी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। कानून न तोड़ने वालों को हम गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं, इन लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया गया था।

    बांग्लादेश की दो कद्दावर महिला नेताओं शेख हसीना और खालिदा जिया के मध्य साल 1991 से रार है। पारंपरिक तरीके से दोनों एक के बाद एक सत्ता पर काबिज होती रही है, लेकिन साल 2009 से अब तक शेख हसीना ही सत्ता संभल रही है। खालिदा जिया की कारावास की सज़ा उन्हें चुनावों में भाग लेने की इजाजत नहीं देती है।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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