Sat. Apr 13th, 2024
    बांग्लादेश में विपक्षियों का बहिष्कार

    बांग्लादेश में रविवार को चुनावों का आयोजन हुआ था और जिसमे सत्ताधारी सरकार दल आवामी लीग की जीत हुई थी। बांग्लादेश की संसद के विपक्षी दल ने गुरूवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। विपक्षी दल ने चुनाव परिणाम को नकारते हुए, शेख हसीना पर चुनावों में हीराफेरी का आरोप लगाया था।

    शेख हसीना का परचम

    बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने आम चुनावों में बेहतरीन जीत हासिल की है। उन्होंने 300 सदस्यीय सीटों में से 267 सीट हासिल की हैं। चुनावों के दौरान हिंसा में 17 लोगों की मौत हुई थी। हसीना और सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को खारिज किया है।

    सत्तासीन दल के समक्ष शेख हसीना समे 291 संसद के नए सदस्य हैं, जिन्होंने शपथ ग्रहण की, लेकिन विपक्षी दल के सात जीते उम्मीदवारों ने इस समारोह से दूरी बनाये रखी थी। सात सदस्यों को तीन माह के भीतर शपथ लेनी होगी या अपनी सीट का त्याग करना होगा।

    विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनल पार्टी के आला नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। बीएनपी ने अपनी नेता से मुलाकात के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। भ्रष्टाचार के आरोप में खालिदा जिया फ़रवरी से कारावास की सजा काट रही है।

    पश्चिमी देशों की मांग

    गुरूवार को न्यूयॉर्क में मानवधिकार निगरानीकर्ता समूह ने कहा कि चुनावों में विपक्षियों के खिलाफ हिंसा और धमकी भरा माहौल था और अभिव्यक्ति की आज़ादी के कानून का गलत इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

    मानवधिकार समूह के एशिया के निदेशक ने कहा कि चुनाव वाले दिन मतदान की हेराफेरी हुई, मतदाताओं को धमकियां दी, और मतदान केन्द्रों पर सत्ताधारी पार्टी का नियंत्रण था। उन्होंने कहा कि चुनावों में हिंसा की सीमा की जांच के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, जिसके लिए एक कमीशन का गठन किया जाना चाहिए।

    अमेरिका और यूरोपीय संघ ने चुनाव के दिन हिंसा की खबर को स्वीकार किया और अनियमितताओं की जांच के लिए कहा है। चुनावी परिणाम की घोषणा के बाद शेख हसीना ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण थे और मतदाताओं ने इसमें उत्साह से हिस्सा लिया था।

    विपक्षी दल ने कहा कि बांग्लादेश में उनके कार्यकर्ताओं पर आवामी लीग ने हमले किये गए थे। बांग्लादेश के निर्माता और शेख हसीना के पिता मुजीबुर रहमान को साल 1975 में एक सैनिक ने मार दिया था। इसके कारण आवामी लीग तीन दशकों तक सत्ता से बाहर रही थी और खालिदा जित्य का बांग्लादेश पर राज़ था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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