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bangladesh independence day

बांग्लादेश अपनी आज़ादी का 49 वें वर्ष का जश्न मना रहा है। इस राष्ट्रीय दिवस पर बांग्लादेश ने जंग से मुक्ति की भावना को लेकर समृद्धता की तरफ बढ़ने का संकल्प लिया है। 26 मार्च 1971 को राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान ने आज़ादी का ऐलान किया था। 25 मार्च को पाकिस्तान की सेना ने सोते हुए निहत्थे बंगालियों पर हमला किया था।

नौ माह की आज़ादी की लड़ाई, 30 लाख शहीदों और दो लाख महिलाओं की कुर्बानियों के बाद बांग्लादेश ने 16 दिसंबर 1971 को आज़ादी हासिल कर ली थी। इस दिन सार्वजानिक छुट्टी होती है। विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठन इस अवसर पर विस्तृत कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

बांग्लादेश के पहले प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान
बांग्लादेश के पहले प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान

पूरे बांग्लादेश और विदेशों में बांग्लादेशी दूतावासों में राष्ट्रगान ‘अमार सोनार बांग्ला’ गाया जाता है। बंगबंधु नेशनल स्टेडियम में आयोजित ‘जटिया शिशु किशोर समाबेश’में  प्रमुख कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शेख हसीना राष्ट्रीय गान गाने के लिए राष्ट्र का नेतृत्व करती है।

सभी सरकारी और निजी इमारतों में ध्वजारोहण किया जाता है। सरकारी और अर्ध सरकारी इमारतों और अन्य सार्वजानिक इलाकों में रौशनी की जाती है। समस्त बांग्लादेश में मंदिरों, मस्जिदों, चर्च और अन्य स्थलों पर विशेष दुआएं मांगी जाती है। साथ ही राष्ट्रपिता, चार राष्ट्रीय नेताओं और आज़ादी की जंग के शहीदों और इस मातृभूमि के सभी देशभक्त बच्चों की आत्मा को शान्ति प्रदान करने की दुआ की जाती है।

डेली स्टार के मुताबिक राष्ट्रपति अब्दुल हामिद और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने राष्ट्र को सन्देश दिया है। राष्ट्रपति ने अपने सन्देश में कहा कि “लोकतंत्र और विकास एक-दुसरे के पूरक है। 11 वे संसदीय चुनावों के बाद सरकार ने एक नयी यात्रा की शुरुआत की है। सरकार के विकास विचारो को अमल में लाने और संसद को अर्थपूर्ण बनाने के लिए सामूहिक पहल बेहद जरुरी है।”

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि “लाखों लोगों की कुर्बानियों से बांग्लादेश राष्ट्र ने आज़ादी हासिल की है। इस उपलब्धि की सार्थकता को सुनिश्चित करने के लिए सभी को आज़ादी के जंग के इतिहास को जानना होगा और आज़ादी की भावना को बरक़रार रखना होगा।” बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से आज़ादी के संग्राम की भावना के साथ विकास और लोकतंत्र को लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया है।”

उन्होंने कहा कि “चलिए खुद को देश और राष्ट्र के कल्याण में व्यस्त कर देते हैं। भूख-गरीबी से मुक्त, खुशहाल और समृद्ध सोनार बांग्लादेश का निर्माण करते हैं, जैसा सपना राष्ट्रपिता ने देखा था।”

By कविता

कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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