सोमवार, अक्टूबर 14, 2019

बलोच नागरिको की दुर्दशा के लिए सीपीईसी जिम्मेदार: कार्यकर्ता

Must Read

त्रिपुरा : महिला सांसद के खिलाफ आक्रामक टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार

अगरतला, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के एक व्यक्ति को राज्य की पुलिस ने लोकसभा सदस्य प्रतिमा भौमिक के खिलाफ...

7 साल बाद फिर क्यों सुर्खियों में आया निर्भया गैंगरेप का केस

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर(आईएएनएस)। साल 2012 के दिसंबर में हुई निर्भया गैंगरेप की घटना ने देश को हिला कर...

शरद रंगोत्सव में कवियों ने बांधा समां

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश भर से यहां आए एक दर्जन से अधिक कवियों-कवित्रियों की उपस्थिति में यहां...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

बलोच राजनीतिक और मानव अधिकार कार्यकर्ता ने बलूचिस्तान में बेरोजगारी, असुरक्षा और आर्थिक गिरावट के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना को जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र में मानव अधिकारों पर आयोजित 42 वें सत्र में चरमपंथ का बढ़ना, लापता, और बुद्धिजीवियों व राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना जैसे मुद्दों को उठाया गया था।

इस समारोह का आयोजन बलोच मानव अधिकार परिषद् ने किया था। जिनेवा में एकत्रित हुए बलोच कार्यकर्ताओ ने यूएन के दफ्तर के बाहर समारोह का आयोजन किया था ताकि पाकिस्तानी विभागों द्वारा अत्याचारों को उजागर किया जा सके और इस मामले अपर वैश्विक समर्थन प्राप्त कर सके।

मंगलवार को मानव अधिकार परिषद् ने बलूचिस्तान में मानवीय संकट पर सम्मेलन को आयोजित किया था। इससे पहले वर्ल्ड सिन्धी कांग्रेस ने एक प्रदर्शन का आयोजन किया था। बलूचिस्तान में लापता करने और हत्या करने के मामले में अंतररष्ट्रीय संस्था और स्थानीय मानव अधिकार संगठन ने पाकिस्तान की आलोचना की है।

कमीशन ऑफ़ इन्क्वारी ऑन इंफोर्स्ड दिसप्पेरेंस के मुताबिक, साल 2014 से अपहरण के 5000 मामले सामने आये हैं। इसमें से अधिकतर मामले लंबित है। स्वतंत्र स्थानीय और अंतररष्ट्रीय मानव अधिकार संघठनो ने आंकड़ो को ज्यादा बताया है।

बलूचिस्तान से करीब 20000 लोगो के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिसमे से 2500 लोगो की मृत्यु गोली लगने से हुई है, जो प्रताड़ना का संकेत हैं। प्रधानमन्त्री के पद पर चयनित होने से पूर्व इमरान खान ने कबूल किया कि लापता और हत्याओ के मामले में पाकिस्तान के ख़ुफ़िया विभाग शामिल है और इसमें नाकाम होने पर इस्तीफा देने का संकल्प लिया था।

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन के आवास के बाहर शुक्रवार को बलोच राजनीतिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए और पाकिस्तान की कैद से सैकड़ो बलोच कार्यकर्ताओं की रिहाई में तत्काल दखल देने के लिए प्रदर्शन किया था।

 

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

त्रिपुरा : महिला सांसद के खिलाफ आक्रामक टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार

अगरतला, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के एक व्यक्ति को राज्य की पुलिस ने लोकसभा सदस्य प्रतिमा भौमिक के खिलाफ...

7 साल बाद फिर क्यों सुर्खियों में आया निर्भया गैंगरेप का केस

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर(आईएएनएस)। साल 2012 के दिसंबर में हुई निर्भया गैंगरेप की घटना ने देश को हिला कर रख दिया था। अब सात...

शरद रंगोत्सव में कवियों ने बांधा समां

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश भर से यहां आए एक दर्जन से अधिक कवियों-कवित्रियों की उपस्थिति में यहां रविवार को नटरंग शरद रंगोत्सव...

विजय हजारे ट्रॉफी : महाराष्ट्र 3 विकेट से जीता

वडोदरा, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। अजीम काजी के शानदार 84 रनों की मदद से महाराष्ट्र ने यहां खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में...

चीन-नेपाल मैत्री की जड़ मजबूत

बीजिंग, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शनिवार को काठमांडू में नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के साथ मुलाकात की। दोनों ने...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -