Thu. Feb 9th, 2023
    बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना

    बांग्लादेश में आगामी माह होने वाले चुनावों के लिए सरकार ने वायदों के पिटारे खोलने शुरू कर दिए हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रविवार को ऐलान किया कि सऊदी अरब के सहायता से देश में 560 तरीके के मस्जिद और इस्लामिक यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जायेगा।

    ढाका में आयोजित इस्लामिक मौलवियों की रैली के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना ने मौलवियों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर इस्लाम विरोधी गतिविधियों से उत्तेजित न हों। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक से सम्बंधित द्वेषपूर्ण आन्दोलन के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है।

    बंगलादेशी पीएम ने कहा कि मैं जानती हूं, सोशल मीडिया में इस्लाम के प्रति गलत टिप्पणीयां की जाती है लेकिन इन्हें भाव देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन द्वेषपूर्ण अभियानों से निपटने के लिए साइबर अपराध कानून पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि गलत सूचना फ़ैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    शेख हसीना ने कहा कि सऊदी अरब की सरकार मस्जिद और इस्लामिक यूनिवर्सिटी के निर्माण में बांग्लादेशी सरकार की सहायता करेगी। जानकारों के मुताबिक शेख हसीना के दल आवामी लीग को धर्मनिरपेक्ष और विपक्षी खालिदा जिया के सियासी दल बांग्लादेश नेशनल पार्टी को कट्ठरपंथियों के नजदीक है।

    जानकारों के मुताबिक पीएम हसीना का मस्जिद निर्माण करने का विचार इस्लामी वोटबैंक को अपने हक में करना है। इस रैली का आयोजन अल हियातुल उल्या लील ज़मैतिल काव्मी बांग्लादेश ने आयोजित की थी। काव्मी मदरसा के हजारों शिक्षक और छात्र इस आयोजन में सम्मिलित हुए थे।

    सितम्बर 2018 में सरकार ने संसद में बिल पारित कर, दवरा-ए-हदीथ डिग्री को इस्लामिक और अराबिक शिक्षा में परास्नातक के बराबर मान्यता दी थी। मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अधिकतर छात्र काव्मी मदरसा में तालीम हासिल करते हैं। रैली के दौरान शेख हसीना ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई है।

    काव्मी के अध्यक्ष फजलुल करीम ने कहा कि पीएम ने मादरे को मान्यता दी है, हम चाहते हैं कि वह दोबारा सत्ता में वापसी करे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री बनकर हमारी बाकी मांगों को भी पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व हम कभी किसी प्रधानमंत्री से इतनी गर्मजोशी से नहीं मिले थे क्योंकि किसी ने हमारी मांगों पर कभी गौर नहीं फ़रमाया था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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