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प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 138वें पायदान पर

भारतीय मीडिया

रिपोर्टर्स विथआउट बॉर्डर्स नामक अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने से इस साल की प्रेस स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी की हैं। इस रिपोर्ट की सूची में भारत 3 पायदान फिसल कर 138वें स्थान पर पहुँच चूका हैं, जब की पिछले साल भारत 136वें स्थान पर था।

इस रिपोर्ट में दुनिया के सभी देशों को प्रेस की स्वतंत्रता के पैमाने पर सूचीबद्ध किया गया है। नॉर्वे इस साल शीर्ष स्थान पर और उत्तर कोरिया निचले स्थान पर हैं।

भारत को इस साल 138वें पायदान पर और पाकिस्तान को 139वें पायदान पर रखा गया हैं।

संस्था के अनुसार, दुनिया में प्रत्रकारिता की आजादी दिन प्रतिदिन चिंता का विषय बनते जा रही है। इस वर्ष 21 देशों में पत्रकारिता की स्थिती को ‘बहुत ख़राब(दयनीय)’ का दर्जा दिया गया है, जबकि 51 देशों में यह स्थिति ‘चिंताजनक’ बताई जा रही है।

भारत और पत्रकारिता की आजादी

  • भारत इस सूची में 3 पायदान फिसलने का कारन उभरता हिन्दू राष्ट्रवाद और पत्रकारों के प्रति बढ़ते गुस्से को बताया जा रहा हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिंनों से पत्रकारों पर हो रहे हमलो में इजाफा हो रहा है।
  • कुछ लोग पत्रकारों को सोशल मीडिया साइटो पर निशाना बना रहे है और उन्हें शारीरिक एवं मानसिक तौर पर हानि पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • कोई भी रिपोर्ट के तथ्य अगर सत्ताधारी पक्ष (बीजेपी) और हिंदुत्व के खिलाफ होते हैं, तो संबंधित पत्रकारों को अपमान का सामना करना पड़ता है और कई बार धमकी भरे फ़ोन किये जाते हैं। इस रिपोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
  • रिपोर्ट बेंगलुरु में हुई, गौरी लंकेश की हत्या पर भी रिपोर्ट में सवाल उठाये गए है।
  • पत्रकारों के खिलाफ शारीरिक हिंसा, सुरक्षा का अभाव को रिपोर्ट ने भारत की रैंकिंग के लिए जिम्मेदार माना है।

विश्व और पत्रकारिता की स्वतंत्रता

  • नॉर्वे इस सूची में शीर्ष स्थान पर है,और उसके साथी नार्डिक देश जैसे स्वीडन, नीदरलैंड्स, फ़िनलैंड इस सूची के शीर्ष 5 में जगह बनाने में कामियाब हुए।
  • रिपोर्ट ने यूरोप में राजनेताओं और पत्रकारों के बीच बढ़ते तनाव को भी माना है ।
  • पत्रकारिता पर पूर्ण नियंत्रण के चलते चीन को निचले 3 में रखा गया है। चीन में पत्रकार सत्ताधारी कम्युनिस्ट सरकार के विरोध में कुछ नहीं लिख सकते।
  • चीन, तुर्कमेनिस्तान, एरिट्रिया, उत्तर कोरिया निचले 4 स्थानों पर सूचीबद्ध किये गए है।

About the author

प्रशांत पंद्री

प्रशांत, पुणे विश्वविद्यालय में बीबीए(कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वे अन्तर्राष्ट्रीय राजनीती, रक्षा और प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज में रूचि रखते हैं।

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