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किसान महापंचायत में केन्द्र पर जमकर भड़की प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने आज बिजनौर किसान महापंचायत में शिरकत की। यहां उन्होंने किसानों का खुला समर्थन किया। साथ ही केंद्र सरकार को भी जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन सरकार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है और इस चुनौती में कांग्रेस देश के किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के आंदोलन को कांग्रेस जमकर अपनी राजनीति चमकाने के लिए प्रयोग कर रही है। प्रियंका गांधी ने एक दिन पहले भी एक रैली को संबोधित किया था जिसमें उन्होंने किसानों को अपना पूरा समर्थन जताया था।

प्रियंका गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि उन्हें किसानों से मुलाकात करनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले इतने समय से दिल्ली की सीमा पर तीन लाख से ज्यादा किसान बैठे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर में घूमने की फुर्सत है लेकिन किसानों से मिलने नहीं आ पा रहे हैं। साथ ही वे गन्ना किसानों का भुगतान देने के बजाय वे अपने लिए हवाई जहाज खरीद रहे हैं। उन्होंने तंज किया कि पूरे देश के गन्ना किसानों का ₹15,000 करोड़ रुपया बकाया है। प्रधानमंत्री ने का बकाया पूरा नहीं किया है लेकिन खुद के लिए महंगे महंगे दो हवाई जहाज खरीद लिए हैं।

साथ ही उन्होंने नए संसद भवन के बनने पर भी तंज किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि किसान चाहते ही नहीं है कि उनकी भलाई हो तो प्रधानमंत्री क्यों जबरदस्ती उनकी भलाई करने पर तुले हैं। उन्होंने कृषि कानूनों को काले कानून बताया और कहा कि जब किसानों को ये कानून नहीं चाहिए तो इन कानूनों की वापसी क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि यह कानून असल में किसानों के लिए नहीं बल्कि पूंजीपति मित्रों के लिए बनाए गए हैं और देश ये सब होते हुए देख रहा है।

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने पूंजीपति मित्रों को पूरा देश सौंप दिया है। साथ ही उन्होंने हरियाणा के कृषि मंत्री को भी अपने भाषण में घेरा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने आंदोलन में शहीद हुए किसानों की शहादत का अपमान किया है। उन्होंने खुद को शहीद परिवार की बेटी बताया और कहा कि शहीदों का अपमान उनके निजी अपमान जैसा है। प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार पर लोगों की उम्मीदें तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने नई कृषि कानूनों को जमकर आलोचना की साथ ही किसानों से कहा कि नए कृषि कानूनों से उनको एमएसपी मिलना बंद हो जाएगी और कानून आने के बाद किसानों की सुनी ही नहीं जाएगी।

वहींं उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी ने आंदोलन कर रहे किसानों को आंदोलनजीवी बता कर उनका अपमान किया है। उन्होंने केंद्र को सुझाव दिया कि सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए साथ ही उन्होंने अपने भाषण के अंत में आंदोलन में शहीद हुए लोगों के नाम पर मौन भी रखा। प्रियंका गांधी लगातार सरकार पर कृषि कानूनों को लेकर आक्रामक बनी हुई हैं। उन्होंने पिछले दिनों भी किसानों को नए कृषि कानूनों की वापसी के लिए संघर्ष करने की बात कही और कहा कि कांग्रेस हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।

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