कांग्रेस नेता और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में गंगा नदी में तैर रहे शवों की न्यायिक जांच की मांग की है और कहा कि जो कुछ हो रहा है वह अमानवीय और आपराधिक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार  पर तंज कसते हुए यह कहा सरकार  सिर्फ अपनी छवि बनाने में व्यस्त है, जबकि लोग अकल्पनीय रूप से पीड़ित हैं।

“बलिया और गाजीपुर में गंगा में शव तैर रहे हैं। उन्नाव में नदी किनारे सामूहिक शवदाह की खबरें आ रही है। लखनऊ, गोरखपुर, झांसी और कानपुर जैसे शहरों से आधिकारिक रूप से कम संख्या और असल सूचना ना देने की भी जानकारी मिल रही है” – कांग्रेस महासचिव ने एक ट्वीट में कहा 

उनकी यह टिप्पणी तब आई जब उत्तर प्रदेश के बलिया और कई अन्य स्थानों के साथ-साथ बिहार में भी गंगा नदी में शव तैरते नजर आए थे। बिहार के बक्सर जिले के चौसा में महादेवा घाट और श्मशान घाट के बीच गंगा तट पर 71 शव बहते हुए मिले थे। इससे पहले सोमवार को  उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भी यमुना नदी में सात शव मिले थे। पिछले दो दिनों से गंगा में शवों के मिलने का सिलसिला अब तक जारी है। शव कहां से आ रहे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर योगी सरकार को घेर लिया है। उन्होंने कहा कि गंगा में तैरती हुई अस्थियां महज एक आंकड़ा नहीं हैं, वे किसी के पिता, माता, भाई और बहन हैं। जो कुछ हुआ है उसने हमें अंदर तक हिला डाला है। उत्तर प्रदेश की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार इस निर्दलीय घटना के लिए जवाबदेही  है, जो बुरी तरह से एक असफल सरकार नजर आ रही है।

भारत में कोरोना वायरस महामारी पूरी तरह से अपने पैर पसार चुकी है। इस बीच यह घटनाएं बेहद ही शर्मनाक है। 1 साल से इस महामारी से लड़ते हुए कई लोगों ने अपनी जान गवाई है, साथ ही साथ केंद्र सरकार की भी अयोग्यताएं भारत की जनता के सामने आ रही है। कोरोना संक्रमण को लेकर कांग्रेस नेता केंद्र सरकार पर हमलावर होता दिख रहा है। कई नेताओं ने तो केंद्र सरकार से इस्तीफा देने तक की बात कह दी है।


गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से LLB छात्र

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