Wed. Apr 17th, 2024
    अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर

    पेंटागन ने सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस को सूचना दी कि डोनाल्ड ट्रम्प की सीमा अमेरिका-मेक्सिको दीवार के लिए हमने एक करोड़ रूपए ट्रांसफर करने का अधिकार दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प काफी लम्बे समय से सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए धनराशि का मांग कर रहे थे।

    सीएनएन के मुताबिक “करीब एक अरब डॉलर की राशि 92 किलोमीटर में बाड़ लगाने, सड़क ढाने में सुधार करने और सीमा पर अन्य सुरक्षा मापदंडो के लिए इस्तेमाल किया जायेगा। रक्षा विभाग ने आर्मी कॉर्प ऑफ़ इंजीनियर को सोमवार रात से योजना और बाड़ के लिए निर्माण कार्य शुरू करने की इजाजत दे दी है। कार्यवाहक रक्षा सचिव पैट्रिक षानहन ने सेक्रेटरी ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी को एक पत्र लिखा था।

    पेंटागन के इस कदम से सीनेट में डेमोक्रेट्स काफी नाराज़ है और उन्होंने कहा कि “पेंटागन ने सीनेट को जानकारी देने से पूर्व फंड के ट्रांसफर के बाबत इजाजत लेने की जरुरत नहीं समझी थी।”

    सीनेट के डेमोक्रेट ने चिट्ठी लिखा कर कहा कि “हम फंड ट्रांसफर करने का सख्ती से विरोध करते हैं। कांग्रेस की रक्षा समिति से इजाजत लिए बिना विभाग ने ट्रांसफर कर दिया और यह सरासर उल्लंघन है। यह गंभीर चिंता है कि विभाग ने ट्राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति दे दी है। हमारी सेना कई गंभीर मसलों का सामना कर रही है।”

    कांग्रेस को दरकिनार करने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 फरवरी को राष्ट्रीय आपातकाल का ऐलान किया था। इस कदम का बचाव करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि “मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था कि अपनी इमरजेंसी ताकतों का इस्तेमाल कर अपराध और ड्रग्स के कारोबार को फ़ैलाने वाले अवैध प्रवासियों को रोक सकूं।

    14 मार्च को रिपब्लिकन की नियंत्रण वाली सीनेट ने आपातकाल की घोषणा के खिलाफ वाले प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था। जबकि डेमोक्रैट के नियंत्रण वाली सीनेट में यह प्रस्ताव बीते माह पहले ही पारित हो चुका है। इसके तुरंत बाद ही डोनाल्ड ट्रम्प ने वीटो शब्द का इस्तेमाल कर ट्वीट किया, यानी वह इस प्रस्ताव को खारिज करते हैं। ट्रम्प ने राष्ट्रपति कार्यकाल में पहली बार किसी प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल किया था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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