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“पिता की करनी का फल भोग रहे हैं तेजस्वी” – सुशील मोदी

सुशील मोदी
बिहार में तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा ने एकबार फिर उनपर हमला बोला है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा कि तेजस्वी यादव अपने पिता के कर्मों का फल भोग रहे हैं। उन्हें लालू यादव ने ही भ्रष्टाचार के दलदल में फंसाया है।

बिहार में तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा ने एकबार फिर उनपर हमला बोला है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा कि तेजस्वी यादव अपने पिता के कर्मों का फल भोग रहे हैं। उन्हें लालू यादव ने ही भ्रष्टाचार के दलदल में फंसाया है। उन्हें चाहिए कि वो अपने पिता के साये से बाहर निकलें और इस्तीफ़ा दें। उन्हें अपने ऊपर लगे आरोप कबूल करने चाहिए और बेनामी सम्पतियों, तोहफों को लौटा देना चाहिए। उन्हें अभी राजनीति में लम्बी पारी खेलनी है और उनपर लगे गंभीर आरोप उनका राजनीतिक जीवन चौपट कर देंगे।

दिया जेडीयू का उदाहरण

उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर जेडीयू के निर्णय का समर्थन करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही हमारे बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता हो पर तेजस्वी यादव से इस्तीफे की मांग के निर्णय पर हम जेडीयू के साथ हैं। जेडीयू शुरू से ही भ्रष्टाचार विरोधी दल रहा है और उसके ऐसी छवि बनाने में नीतीश कुमार और शरद यादव का बड़ा योगदान रहा है। हवाला काण्ड में महज नाम भर आने पर शरद यादव ने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था। नीतीश कुमार भी आरोप लगने पर राज्य की सत्ता छोड़ चुके हैं।

अडिग है आरजेडी

लालू यादव की पार्टी आरजेडी और उसके सभी विधायक किसी भी सूरत में तेजस्वी के इस्तीफ़ा ना देने की जिद पर अड़े हुए हैं। आरजेडी नेता अपने बयान में बार-बार अपने 80 विधायकों की धौंस दिखाते नजर आ रहे हैं।आरजेडी भले ही सख्त रुख अपना रही हो पर वह किसी भी सूरत में महागठबंधन को टूटने नहीं देना चाहेगी क्यूँकि भाजपा ने लालू यादव से अलग होने की स्थिति में नीतीश सरकार को समर्थन देने की बात कही है।

About the author

हिमांशु पांडेय

हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।




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