पाकिस्तान में आसिया बीबी को रिहा करने खिलाफ याचिका पर 29 को होगी सुनवाई: वकील

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ईशनिंदा मामले में बड़ी हुई आसिया बीबी की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई 29 जनवरी को शीर्ष अदालत में की जाएगी। आसिया बीबी को बीते वर्ष शीर्ष न्यायालय ने बरी कर दिया था और इसके खिलाफ पाकिस्तान में जमकर विरोध हुआ था। पाकिस्तान के कट्टरपंथी समुदाय ने आसिया बीबी को जान से मारने को धमकी दी थी, जिसके बाद मदद के लिए उन्होंने कई देशों से गुहार लगाई थी।

अदालत 29 जनवरी को तय करेगी कि इस याचिका पर सुनवाई करनी है या नहीं। यदि इस याचिका को अदालत खारिज कर देती है तो आसिया बीबी पूर्ण रिहाई में आखिरी कांटा भी निकल जायेगा। आसिया बीबी को रिहाई देने के फैसले के बाद पाकिस्तान में हिंसा और अराजकता का माहौल फैल गया था और पाकिस्तानी हुकूमत ने आसिया बीबी को देश छोड़ने की इजाजत नही दी थी।

याचिका दायर करने वाले वकील गुलाम मुस्तफा चौधरी ने कहा कि 29 जनवरी को अदालत हमाफी अपील पर सुनवाई करेगी। पाकिस्तान को खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश सईद खोसा इस केस को सुनवाई कर रही पीठ की अगुवाई करेंगे। आसिया बीबी अभी पाक सरकार के संरक्षण हिरासत में हैं। उन्हें साल 2010 में आरोपी साबित किया गया था और मौत की सज़ा सुनाई गई थी।

आसिया बीबी के पड़ोसियो के साथ विवाद के बाद उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। तहरीक-ए-लाबैक पार्टी ने आसिया बीबी के रिहाई के विरोध में पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन किये थे, जिसका नेतृत्व खादिम रिज़वी कर रहा था। तीन दिन तक चले इस प्रदर्शन में पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में आगजनी और सार्वजानिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया था। इस प्रदर्शन के बाद इमरान खान ने आसिया बीबी के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी थी।

पाकिस्तान में मुहम्मद पैगम्बर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने यानी ईशनिंदा में मौत की सजा होती है। आसिया बीबी को साल 2010 में एक उच्च अदालत ने ईशनिंदा का आरोपी मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने मुस्लिम पड़ोसियों के गिलास से पानी पी लिया था और फिर धर्म परिवर्तन करने के लिए मना कर रही थी।

आसिया बीबी समर्थन करने पर पंजाब प्रांत के राज्यपाल सलमान तासीर की साल 2011 में हत्या कर दी थी। गिरफ्तारी से पूर्व धार्मिक नेता ने अपने समर्थकों को निर्देश दिया था कि अगर उसकी गिरफ्तारी हुई, तो समस्त पाकिस्तान का चक्का जाम कर दिया जाए। रिज़वी ने कहा कि पैगम्बर के सम्मान के संरक्षण के लिए पूरा पाकिस्तान सड़कों पर उतर जाना चाहिए।

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