Tue. Mar 5th, 2024
    अमेरिकी राष्ट्रपति चनाव की पूर्व प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन

    अमेरिका में डेमोक्रेट की पूर्व राष्ट्रपति प्रत्याशी हिलारी क्लिंटन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या का सत्य सबसे छुपा रहे हैं। हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि हमने राष्ट्रपति तुर्की में स्थित दूतावास में हुई घटना को सबसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या का राज छिपाने की पीछे डोनाल्ड ट्रम्प और उनके करीबियों का निजी हित है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने 20 नवम्बर को कहा था कि अगर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस को पत्रकार की हत्या के बाबत सूचना है तो भी वह अमेरिका के रणनीतिक साझेदार बने रहेंगे।

    डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते हफ्ते कहा था कि इस हत्या के कारण वे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और पर कठिन पाबंदियां नहीं लगायेंगे। उन्होंने कहा था कि मेरी नीति साफ़ है, अमेरिका पहले, अमेरिका को दोबारा महान बनाना और इसके लिए मैं ये सब कर रहा हूं। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि सऊदी अरब के बादशाह और क्राउन प्रिंस ने कबूल किया है कि उन्होंने यह नृशंस कृत्य नहीं किया है।

    ज्य सचिव माइक पोम्पेओ ने बताया था कि इस हत्या कांड में शामिल 17 संदिग्धों पर प्रतिबन्ध लगाये हैं। उन्होंने कहा था कि हम सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिका सदैव मानव अधिकार के पक्ष में हो। आलोचकों के मुताबिक सऊदी अरब ने पत्रकार की हत्या के लिए 15 लोगों की टीम भेजी थी और शव को गला दिया गया था।जमाल खशोगी की हत्या 2 अक्टूबर को तुर्की के इस्तांबुल में स्थित सऊदी अरब के दूतावास में हुई थी। सऊदी ने कबूल किया था कि पत्रकार की हत्या अधिकारियों के पूछताछ के दौरान हुई थी।

    उन्होंने कहा था कि अगर वह रियाद के साथ हुए हथियार समझौते को निरस्त करेंगे, तो वह दुनिया के सबसे बड़ी मूर्खता होगी।  तुर्की के मुताबिक इस हत्या को अंजाम देने के लिए सऊदी से 15 लोगों का एक समूह आया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ हफ़्तों पूर्व पत्रकार की हत्या में सऊदी प्रिंस के शामिल होने की बात को नकार दिया था, साथ ही तुर्की द्वारा दिए गए सऊदी की सरकार के खिलाफ सबूतों को भी नज़रअंदाज़ किया था।

    कार जमाल खशोगी सऊदी अरब के मुखर आलोचक थे, वह वांशिगटन पोस्ट में मिडिल ईस्ट से सम्बंधित आर्टिकल लिखते थे। तुर्की के सूत्रों के मुताबिक पत्रकार की हत्या में सऊदी के आला अधिकारी शामिल थे और इस्तांबुल दूतावास में पटकार के शव के टुकड़े किये गए थे।

    सीआईए के पूर्व निदेशक ने कहा कि सऊदी अरब में कोई भी इस नृशंस हत्या की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता है और राष्ट्रपति ट्रम्प सीआईए की रिपोर्ट को नकारकर बेईमानी कर रहे हैं। माइक पोम्पेओ ने कहा कि इस बर्बर हत्या से महत्वपूर्ण अमेरिका और सऊदी का सम्बन्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उन नीतियों पर अमल करेगी जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करती हों।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *