Sun. Jan 29th, 2023

    नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि जैसे जैसे नोटबंदी की सालगिरह नजदीक आ रही है इस मुद्दे पर बहस तेज होती दिख रही है।

    विपक्ष और सरकार दोनों के ही तेवर सख्त प्रतीत हो रहे है, जहां एक तरफ सरकार इस फैसले को देश हित में बता रही है, वही विपक्ष आने वाले विधान सभा चुनाव में इन दोनों मुद्दों से अपनी राजनीति चमकाने के फ़िराक में है। पूर्व प्रधानमंत्री तथा अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह भी इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ खुलकर बोल रहे है।

    गौरतलब है कि सोमवार को उन्होंने नोटबंदी को भारत के लिए ‘ब्लंडर’ बताया था। नोटबंदी पर उनका ये अंदाज देख कर ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस मुद्दे पर एक बार फिर वो सरकार पर निशाना साध सकते है। आपको बता दे कि विधान सभा चुनाव के लिए आज मनमोहन सिंह अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे।

    विपक्ष के इल्जामो का जवाब देने के लिए सरकार ने भी अपनी कमर कस ली है। आज एक तरफ मनमोहन सरकार पर बरसेंगे तो वहीं, अरुण जेटली दिल्ली से इस लड़ाई की कमान संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि अपने शांत मिजाज के लिए जाने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री आज कल नोटबंदी पर काफी क्रोधित नजर आ रहे है।

    सोमवार को उन्होंने इस फैसले को गलत बताते हुए कहा था, कि इस फैसले से देश और अर्थवयवस्था को काफी नुक्सान हुआ है। सरकार को अपनी गलती सुधारने और देश के लिए सही से काम करने का सुझाव देते हुए मनमोहन ने कहा था कि सरकार को ये मान लेना चाइए कि उनका नोटबंदी का फैसला गलत था। जिससे नौकरियों पर असर पड़ा और हमारे देश की छोटे और मझोले उद्यमों को भारी नुकसान हुआ जिसके कारण लोगो की नौकरियां चली गयी।

    आपकी जानकारी के लिए बता दे कि 8 नवंबर को नोटबंदी की पहली सालगिरह है। सरकार इस दिन को महवपूर्ण तथा अपने फैसले को सही साबित करने के लिए एंटी ब्लैक मनी डे मनाने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष भी सरकार को करारा जवाब देने के लिए इस दिन को कालाधन दिवस के रूप में मनाएगी।