Sat. Feb 4th, 2023
    तेजस्वी यादव

    बिहार में नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग हो भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद से सियासी बयानबाजी जारी है। आरजेडी और जेडीयू की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अपने हालिया बयान में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश जी अपनी सहूलियत के हिसाब से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते है। मेरे खिलाफ आरोप भर लगने से उनकी अंतरात्मा जाग गई थी और अब उन्होंने मेरी कुर्सी पर सालों से आरोपी सुशील मोदी को बिठाया है। यह फैसला उनकी अंतरात्मा का है, डरात्मा का है, कुर्सीआत्मा का है या फिर ‘मोदी आत्मा’ का है। तेजस्वी ने भाजपा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मेरे खिलाफ आरोप लगने के बाद तो भाजपा वाले इस्तीफे की मांग पर उतर आये थे और अब जब पनामा पेपर्स लीक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे, अमिताभ बच्चन और अडानी के बड़े भाई का नाम सामने आया है तो सबने इसपर चुप्पी क्यों साध ली है।

    बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के नए मंत्रिमण्डल को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा मंत्रिमण्डल में 76 फीसदी मंत्री दागी है, कई पर तो हत्या के प्रयास जैसे और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे संगीन जुर्म है। फिर ऐसे मंत्रिमण्डल वाली सरकार से कोई सुशासन की उम्मीद कैसे कर सकता है? तेजस्वी यादव ने बिहार में हुए घटनाक्रम के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भाजपा ने उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया है। नीतीश कुमार पिछले 6-7 महीनों से भाजपा के साथ जाने की सोच रहे थे और मुझपर थोपे गए आरोपों ने उन्हें माकूल वजह देने का काम किया। तेजस्वी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून की मांग करते हुए कहा कि सभी को इसपर विचार करना चाहिए और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के लिए कठोर कानून बनाने चाहिए। उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पनामा पेपर्स लीक मामले में पूरे देश को आरोपियों का नाम पता है लेकिन केंद्र सरकार उन्हें बचाने में जुटी है। नवाज शरीफ का उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पकिस्तान जैसे देश ने इस मुद्दे पर कठोर कदम उठाया है और आरोपी प्रधानमंत्री के खिलाफ सख्ती बरती है। भारत सरकार को भी आरोपियों पर अदालती कार्रवाई कर सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए।

    By हिमांशु पांडेय

    हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।