Fri. Jun 14th, 2024

    लगभग दो वर्षों बाद कोरोना मरीजो में गिरावट होने पर और वयस्क आबादी के 80 फीसदी को टीका लग जाने के बाद कॉलेजों को फिर से खोल दिया गया है।

    गुरुवार से दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के सभी कॉलेज और डिपार्टमेंट ने छात्रों के लिए खोल दिया है। कैंपस खुलने से छात्र-छात्राओं के बीच खासा उत्साह देखा जा सकता है। मार्च 2020 से डीयू के सभी कॉलेजों को बढ़ते कोरोना वायरस मामलों के कारण बंद कर दिया गया था।

    लगभग दो वर्षों बाद कोरोना मरीजो में गिरावट होने पर और वयस्क आबादी के 80 फीसदी को टीका लग जाने के बाद कॉलेजों को फिर से खोल दिया गया है। हालांकि दूसरे शहरों से दिल्ली आ रहे छात्र-छात्राओं को ऑफ लाइन क्लास में शामिल होने के लिए पहले तीन दिन क्वारंटीन रहना अनिवार्य किया गया है।

    कॉलेज में लौट आई है रंगत

    रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल मनोज खन्ना ने इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी दिया “कल, लगभग 70-80% छात्र थे जो कॉलेज आए थे। आज भी छात्र थे लेकिन उतने नहीं जितने कल थे। कई छात्र कल अपने माता-पिता के साथ कॉलेज और उपलब्ध सुविधाओं को देखने के लिए आए थे। उन्होंने अनौपचारिक रूप से बताया कि वे सोमवार से ही कक्षाओं में शामिल होंगे ”।

    एसजीटीबी खालसा कॉलेज में गुरुवार को प्रिंसिपल जसविंदर सिंह ने कहा था कि लगभग 90% छात्रों ने फिर से खुलने के पहले दिन भाग लिया था। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि तस्वीर थोड़ी अलग है। “कल जितना उत्साह नहीं था, लेकिन अभी भी बहुत सारे छात्र थे। कार्यक्रम के अनुसार कक्षाएं आयोजित की गईं और छात्रों ने उनमें भाग लिया। लेकिन गुरुवार को, हमने देखा कि वे हर जगह थे – गलियारों में, लॉन में”। 

    मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल बिजयलक्ष्मी नंदा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि छात्रों का कॉलेज में आना जारी था लेकिन वे आशंकित थे। “हम चौबीसों घंटे कक्षाएं लगा रहे हैं इसलिए मैं इन सभी कक्षाओं में छात्रों को देख रहा हूँ। हम कोविड प्रोटोकॉल को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक शिकायत जो हमने काफी सुनी है वह है उच्च जीवन यापन लागत। इसलिए अपने पूर्व छात्रों और अन्य माध्यमों से, हम उन छात्रों की मदद करने के तरीकों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है ”।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *