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    देश के नागरिक स्वस्थ होंगे तो देश स्वस्थ रहेगा और स्वस्थ राष्ट्र ही प्रगति कर सकता है: स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने शनिवार को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर एक लाख केंद्रों पर ई-संजीवनी टेली-परामर्श सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ मंडाविया ने कहा, ‘आने वाले दिनों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा।’

    उन्होंने कहा- देश में अब तक एक लाख 17 हजार से अधिक स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र संचालित किए जा चुके हैं। अब आम नागरिक भी ई-संजीवनी टेली-परामर्श सुविधा के माध्यम से देश के बड़े-बड़े डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे। ई-संजीवनी प्रधान मंत्री की कल्पना के अनुसार सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रदान कर रही है। 

    उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों के लिए दूरभाष सेवाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने में सहायक हैं। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास को स्वास्थ्य से जोड़ा है। देश के नागरिक स्वस्थ होंगे तो देश स्वस्थ रहेगा और स्वस्थ राष्ट्र ही प्रगति कर सकता है।

    डॉ मंडाविया ने कहा, 18 से 23 अप्रैल तक देश के हर प्रखंड में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा।

    स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार ने कहा कि देशवासियों को बिना किसी वित्तीय बोझ के सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उनके घरों के पास आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा- स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के बुनियादी ढांचे को दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि वे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक भी पहुंच सकें। 

    डॉ पवार ने कहा ये केंद्र समुदाय के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 की प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहे हैं।

    नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हमारे देश की स्वास्थ्य प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं क्योंकि वे स्थानीय आबादी को पूरा करते हैं।

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