शुक्रवार, जनवरी 24, 2020

जेएनयू छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा लाठी चार्ज के बाद रिंग रोड जाम

Must Read

आस्ट्रेलियन ओपन : सेरेना विलियम्स की चौंकाने वाली हार

सात बार की चैम्पियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स शुक्रवार को साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियन ओपन से बाहर...

जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच करेगी कांग्रेस के पूर्व विधायक से पूछताछ

जामिया मिलिया इस्लामिया हिंसा मामले को देख रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) इस मामले में कांग्रेस...

उत्तर प्रदेश : कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की छात्रा गायब, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की की 24 वर्षीय छात्रा गुरुवार से गायब...

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रों द्वारा सोमवार को भीकाजी कामा प्लेस के निकट रिंग रोड के एक भाग में एकत्र होने की वजह से दक्षिण दिल्ली में बड़ा जाम लग गया। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया, जिससे वे अपने तय मार्ग से इधर-उधर चले गए।

वाहनों की लंबी कतारों में कई एंबुलेंस फंस गए, जो धौला कुआं की तरफ जाने वाले संकरे रास्ते पर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

रिंग रोड पर कई अस्पताल हैं, जिसमें एम्स, सफदरजंग और मूलचंद अस्पताल शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों पर लाठी चार्ज किया। छात्र अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च कर रहे थे।

दक्षिणी दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस इलाके में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने छात्र व छात्राओं पर लाठी चार्ज किया।

इससे पहले दिन में सैकड़ों जेएनयू छात्रों ने जेएनयू परिसर से जुलूस निकाला। जुलूस चार घंटे देर से शुरू हुआ क्योंकि सुरक्षा बलों ने जुलूस को रोकने के लिए जेएनयू के सभी गेट सुबह में सील कर दिया। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की बहुत कोशिश के बाद जुलूस निकालने की इजाजत दी गई।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने जेएनयू से राष्ट्रपति भवन तक एक जुलूस का आह्वान किया था। जेएनयूएसयू ने इसका आह्वान अपने महीने भर लंबे विरोध प्रदर्शन के सकारात्मक नतीजे नहीं आने के बाद किया। प्रशासन ने उनकी हास्टल फीस की प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को अस्वीकार कर दिया।

प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर छात्र एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।

हॉस्टल मसौदे में हॉस्टल का शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर दो लोगों के लिए 300 रुपये व एक लोगों के लिए 600 रुपये करने का प्रस्ताव है, जो पहले 20 रुपये था।

प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बीपीएल श्रेणी के छात्रों के लिए 50 फीसदी रियायत की घोषणा की, लेकिन वह छात्रों को शांत कराने में विफल रहे।

इस मुद्दे को मानव संसाधन मंत्रालय की एक कमेटी संभाल रही है, जिसने छात्रों व उनके प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी सिफारिश दी है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

आस्ट्रेलियन ओपन : सेरेना विलियम्स की चौंकाने वाली हार

सात बार की चैम्पियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स शुक्रवार को साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियन ओपन से बाहर...

जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच करेगी कांग्रेस के पूर्व विधायक से पूछताछ

जामिया मिलिया इस्लामिया हिंसा मामले को देख रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) इस मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद...

उत्तर प्रदेश : कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की छात्रा गायब, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की की 24 वर्षीय छात्रा गुरुवार से गायब है। लड़की की स्कूटी गंगा...

दिल्ली : सीएम अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह को दिया स्कूलों के दौरे का निमंत्रण

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह से कहा कि वह थोड़ा वक्त निकाल कर शहर के...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारों की जगह, कर्तव्यों को प्राथमिकता देने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'कर्तव्य' को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, न कि 'अधिकारों' को। मोदी ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -