दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इसके अनुसार अब सरकार दिल्ली के कुछ बड़े प्राइवेट स्कूल का संचालन अपने हाथ में लेगी। सरकार के इस फैसले के बाद बच्चों के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल दिल्ली के कुछ स्कुलों पर इल्जाम है कि उन्होंने कुछ बच्चों के अभिभावकों के पैसे नहीं लौटाए। इसके बाद हाई कोर्ट ने ऐस स्कूलों की सूचि बनाकर सरकार को दी थी जिसके बाद सरकार ने इनका संचालन अपने साथ में लेने का फैसला किया।

दरअसल दिल्ली में कई दिनों से यह खबर आ रही थी कई स्कूल एडमिशन आदि के मामले में बच्चों के परिजनों को पैसे वापस नहीं लौटा रहे थे। कई परिजनों ने इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई। इसके बाद हाई कोर्ट ने सरकार को इन सभी स्कुलों के नाम देकर इनका संचालन अपने पास लेने का आदेश दिया। इसके बाद बुधवार को सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि पैसा नहीं लौटाने वाले इन स्कूलों का प्रबंधन अपने हाथों में लेने के लिए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि 53 स्कूलों ने पैसे वापस कर दिए हैं। रिपोर्ट में 47 स्कूलों को दोषी पाया है। इनपर अभिभावकों के करीबन 104 करोड़ रूपए लौटाने को कहा है।


पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।