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    तालिबानी और अफगानी अधिकारीयों के बीच मुलाकात

    अफगानिस्तान और तालिबान के अधिकारी मॉस्को में इस हफ्ते दो दिवसीय मुलाकात में शरीक होंगे। अधिकारीयों ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। अफगानी सरजमीं पर संघर्ष बरक़रार रहने से अमेरिका और चरमपंथियों के बीच बातचीत का सिलसिला थम सा गया है।

    बयान में तालिबान ने कहा कि “28 मई को तालिबान और रूस के बीच कूटनीतिक संबंधों 100 वर्ष पूरे हो जायेगे और समूह इस आयोजन में शरीक होगा और 29 मई को अफगानिस्तानी राजनेताओं के साथ देश के भविष्य के बाबत चरचा की जाएगी।”

    14 सदस्यीय तालिबानी प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व मुल्ला अब्दुल घनी बरदार करेंगे। बरदारी को बीते वर्ष अक्टूबर में पाकिस्तानी जेल से रिहा किया गया था और इसके बाद उसकी यह पहली अंतर्राष्ट्रीय यात्रा है। अफगानी राजनेताओं में पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई और उच्च शान्ति परिषद् के अध्यक्ष मोहम्मद करीम खलील के मंगलवार को आयोजित वार्ता में शामिल होने की संभावनाएं है।

    अफगानी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने अल जजीरा से कहा कि “मास्को में नियुक्त अफगानी राजदूत भी इस समारोह में शामिल होगा हालाँकि यह अभी अस्पष्ट है कि वह तालिबानी प्रतिनिधित्व से मुलाकात करेंगे या नहीं।”

    तालिबान और अमेरिका के अधिकारीयों के बीच बीते वर्ष से शान्ति वार्ता का दौर जारी है। तलिबान ने निरंतर राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार से मुलाकात के प्रस्ताव को खारिज किया है क्यों की उनके मुताबिक अफगानिस्तान सरकार अमेरिका के हाथो की कठपुतली है।

    अप्रैल में अंतर अफगान वार्ता का दोहा में आयोजन होना था लेकिन बैठक में शामिल अफगानी अधिकारीयों की सूची पर तालिबान ने आपत्ति दर्ज की थी। तालिबान और अफगानी सरकार ने कहा कि “वह समझौते के लिए तैयार है। अमेरिका अफगानी सरजमीं से सैनिको को वापस बुलाएगा और इसके बदले में तालिबान आतंकी समूहों को अफगानी सरजमीं से वैश्विक आतंकवाद का संचालन करने की अनुमति नहीं देगा।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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