बुधवार, अक्टूबर 16, 2019

क्या डोनाल्ड ट्रम्प अफगानिस्तान दौरे पर जाने की योजना बना रहे हैं?

Must Read

महिला फुटबाल : भारत ने जीता सैफ अंडर-15 महिला चैंपियनशिप खिताब

थिम्पू (भूटान), 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला फुटबाल टीम ने यहां बांग्लादेश को पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर...

भाजपा नेता निरहुआ ने पुष्पेंद्र एनकांउटर की सीबीआई जांच कराने की मांग

लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता व भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ ने पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर मामले...

मप्र में हवाएं सिहरन पैदा कर रहीं

भोपाल, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई हिस्सों में बुधवार की सुबह से...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

अमेरिका और अफगानिस्तान के चरमपंथी तालिबान के मध्य जारी जंग में रूस ने शांति वार्ता की बैठक का आयोजन किया था। हालांकि इस बैठक से कोई ख़ास नतीजे निकलकर नहीं आये हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरूवार को अफगानिस्तान की यात्रा कर सकते हैं।

अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों को शुक्रिया अदा करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने वायु सेना के सचिव से कहा कि में जल्द ही सैनिकों को अमेरिका में वापस देखूंगा या मुमकिन हैं, मैं सैनिकों से अफगानिस्तान में ही मुलाकात करूँ। उन्होंने कहा कोई नहीं जानता क्या होने वाला है।

हाल ही में जंगी इलाकों में अमेरिकी सैन्य कमांडर ने अपना नियमित दौरा किया था लेकिन सुरक्षा के लिहाज से ऐसी यात्राओं के लिए उच्च अधिकारियों को अनुमति नहीं दी जाती है। काफी समय से ट्रम्प ने अफगानिस्तान की यात्रा मुक्कमल नहीं  है। हालांकि उपराष्ट्रपति माइक पेन्स ने दिसम्बर में बगराम एयर बेस पर सैनिकों से मुलाकात के लिए पंहुचकर सबकी चौंका दिया था।

अफगानिस्तान में अमेरिका ने लगभग 14 हज़ार सैनिक तैनात किये हुए हैं। यह सैनिक अफगानिस्तान के सैनिकों को प्रशिक्षण में सहायता करते हैं साथ ही इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी समूहों के खिलाफ अभियान के बारे में निर्देश भी देते हैं। तालिबान के लगातार हमलों के बाद अमेरिका के सैनिक साल 2001 में इस अभियान का हिस्सा बने थे। तालिबान का सितम्बर 2011 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में भी हाथ था।

हाल ही में रूस ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए चरमपंथी तालिबान समूह के साथ शांति वार्ता का आयोजन किया था।

इस बैठक में भारत और अफगानिस्तान के गैर आधिकारिक स्तर के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। तालिबान चाहता है कि अफगान सरकार को समर्थन करने वाले अमेरिकी सैनिकों को उनकी सरजमीं से बाहर फेंक दिया जाए। उनके मुताबिक जब तक अफगान की सरजमीं पर विदेशियों का कब्ज़ा है तब तक अफगान में शांति और समृद्धि मुमकिन नहीं है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

महिला फुटबाल : भारत ने जीता सैफ अंडर-15 महिला चैंपियनशिप खिताब

थिम्पू (भूटान), 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला फुटबाल टीम ने यहां बांग्लादेश को पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर...

भाजपा नेता निरहुआ ने पुष्पेंद्र एनकांउटर की सीबीआई जांच कराने की मांग

लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता व भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ ने पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से कराने...

मप्र में हवाएं सिहरन पैदा कर रहीं

भोपाल, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई हिस्सों में बुधवार की सुबह से आंशिक बादल छाए हुए हैं...

उप्र में धूप खिली, मौसम शुष्क रहने के असार

लखनऊ , 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी व आस-पास के क्षेत्रों में चटक धूप खिली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य...

देश में 18 फीसदी बढ़ी गायों की आबादी : 20वीं पशुणना

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। देशभर में गायों की आबादी में 2012 के बाद तकरीबन 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। पशुगणना की हालिया...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -