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    data mining in hindi

    विषय-सूचि

    डाटा माइनिंग (data mining meaning in hindi)

    डाटा माइनिंग बहुत बड़े डाटा सेट में से डाटा निकालने और हम कह सकते हैं कि डाटा को छान कर वर्गिकरत करने के काम में आता है। ऐसा हम इसलिए करते हैं ताकि हम डाटा का अध्यन कर सकें और डाटा को छाँट सकें। डाटा माईनिंग टूल हमें भविष्य के ट्रेंड को समझने में काम आते हैं।

    डाटा माइनिंग के नियम (rules of data mining in hindi)

    डाटा माइनिंग में हम कुछ रुल्स बनाते हैं जिनहे असोशिएशन रूल बोलते हैं। यह रूल डाटा को एनलाइज़ करने के काम में आता है। डाटा माइनिंग पैरामीटर में पाथ एनालिसिस (यानि की पाथ को समझना और उसके बारे में डीटेल निकालना), क्लास्सिफिकेशन (उसको टुकड़ों में विभाजित करना), क्लस्टरिंग (एक जगह जोड़ना या फिट करना) , और फोरकास्टिंग (उसका पूर्वानुमान लगाना) भी डाटा पैरामीटर में होते हैं। पाथ एनालिसिस पैरामीटर पैटर्न को देखता है जिससे की वह प्रभावी रूप से काम कर सके।

    डाटा माइनिंग की चार स्टेज:

    • डाटा सोर्स – यह एक तरह से मुश्किलों को संभालते हैं यह डेटाबेस से लेकर न्यूज़ वायर तक होता है।
    • डाटा को इकठ्ठा करना (Data Gathering) – इसमे हम डाटा को इक्कठा करते हैं और डाटा की सैंपलिंग करते हैं।
    • मोडल – यूसर एक मोडल टेस्ट बनाता है और फिर उसका निरीक्षण भी करता है।
    • डिप्लोईंग मोडल – इसमे आप रिज़ल्ट पर निर्भर करते हुए आप कोई भी एक्शन ले सकते हैं।

    क्लस्टरिंग पैरामीटर डॉक्युमेंट्स को ढूंढता है उसके बाद वह उनको सही से लगाता है। क्लस्टरिंग ग्रुप एक तरह से डाटा को सेट्स में व्यवस्थित करता है और कुछ जो सामान्य होते हैं उन्हे भी यह उनके हिसाब से उसी प्रकार से व्यवस्थित कर देते हैं।

    इसमे बहुत तरीकों से यूजर क्लस्टरिंग कर सकते हैं जो की क्लस्टरिंग मोडलिंग में काम आते हैं। फोस्टरिंग पैरामीटरस डाटा माइनिंग के अंदर पैटर्न को डिस्कवर करता है और भविष्य की गतिविधियों की भविष्यवाणी करता है जिसे हम प्रेडिक्टिव एनालिसिस भी बोलते हैं।

    डाटा माइनिंग तकनीक (data mining techniques in hindi)

    डाटा माइनिंग टैक्नीक काफी रिसर्चों, गणित, सायबेरनेटिकस, जेनेटिक्स, और मार्केटिंग में काम आता है। यह बड़ी बड़ी कंपनीयों के द्वारा धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है। बड़ी बड़ी कंपनी इसका भरपूर इस्तेमाल करती हैं और अपने प्रॉफ़िट को बढाती है। बायोइन्फोर्मेटिक्स में भी इसका बहुत इस्तेमाल होता है टूल्स को चलाने के लिए। यह उपयोगकर्ता के बर्ताव को भी प्रेडिक्ट करता है और काम करने की क्षमता को भी बढ़ाता है। यदि हम इसका सही से इस्तेमाल करना सीख लें तो हम इसका काफी अच्छी तरह बिज़नेस कर सकते हैं।

    वेब माइनिंग भी एक तरह की डाटा माइनिंग होती है जो की सीआरएम (कस्टूमर रेलसनशिप मैनेजमेंट) में काम आता है। यह उपयोगकर्ता के व्यहवार को और वेबसाइट किस तरह से काम कर रही है उसका भी मूल्यांकन करने के काम में आता है।

    बाकी के डाटा माइनिंग टेकनिक में नेटवर्क को जानना जिसमे की मल्टी टासकिंग पैटर्न को वर्गीकरत करने के लिए, डाटा माइनिंग की एल्गॉरिथ्म को लागू करने के लिए, बड़े बड़े डाटाबेसों की माइनिंग करने के लिए, कॉम्प्लेक्स डाटा टाइप्स और मशीन लर्निंग के डाटा माइनिंग के टूल बनाने के लिए हम तकनीकों को भरपूर इस्तेमाल करते हैं।

    डाटा माइनिंग के फायदे (benefits of data mining in hindi)

    सामान्य रूप से डाटा माइनिंग का काम है की छुपे हुए डाटा के पैटर्न को समझना और डाटा के बीच में संबंधो को प्रेडिक्ट करने का काम करता है, जिससे की बिज़नेस पर काफी प्रभाव पड़ता है और बिज़नेस में हम इस तरह से तरक्की भी पा सकते हैं। डाटा माइनिंग के फायदे उद्योग और उद्योग के लक्ष्य पर निर्भर करता है की उस उद्योग का लक्ष्य क्या है और वह उद्योग किस तरह काम कर रहा है।

    सेल्स और मार्केटिंग डिपार्टमेंट भी कस्टमर डाटा के कन्वर्शन रेट को सही करने में काम में आता है और मार्केटिंग कैम्पेन में भी काफी बढ़ छड़ कर इस्तेमाल करता है। डाटा माइनिंग की पिछले सेल की जानकारी और कस्टमर के उस प्रॉडक्ट को लेकर बर्ताव से हम यह पता लगा सकते हैं की आने वाले टाइम में नए प्रॉडक्ट और सर्विस की कितनी सेल होगी और कंपनी को कितना फायदा होगा।

    काफी कंपनी डाटा माइनिंग टूल को फाइनेंनशीयल उद्योग में इस्तेमाल करते हैं रिस्क मोडल और फ़्रौड को डिटेक्ट करने के लिए। मैनुफेक्चुरिंग उद्योग में भी डाटा माइनिंग टूल को हम प्रॉडक्ट की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करते हैं और यह उसकी गुणवत्ता को देखने में भी काम आता है। यह सप्लाइ चैन को देखने में भी बहुत काम आता है।

    डाटा माइनिंग और मशीन लर्निंग (machine learning in data mining in hindi)

    डाटा माइनिंग में मशीन लर्निंग का भी एक बड़ा रोल है। आज के तकनीक जगत में डाटा माइनिंग की प्रक्रिया एक कंप्यूटर को समझा दिया जाता है, जिससे एक कंप्यूटर यानी की मशीन अपनी लर्निंग की मदद से डाटा माइनिंग करने में सक्षम हो जाती है।

    आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में डाटा माइनिंग और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल एक साथ किया जा रहा है।

    इसके अलावा मेडिकल, शिक्षा, वित्तीय सेवाओ आदि में इन दोनों सेवाओं का एक साथ इस्तेमाल किया जाता है।

    डाटा माइनिंग के कार्य (application of data mining in hindi)

    1. अनोमाली दिटेक्स्शन (Anomaly detection) – यह असमानय डाटा रिकॉर्ड को देखता है और उनमे से जो कुछ भी जानकारी हमारे काम की होती है उसे निकालता है और जिस भी तरह के डाटा हमारे लिए उपयोगी होता है उसे हमारे लिए फ़िल्टर करते हैं। यह डाटा एरर का अच्छे से निरीक्षण करता है जिससे यह दुविधा सही हो सके।
    2. असोशिएशन रुल लर्निंग (Dependency modelling) – यह वैरिएब्ल के अंदर रेलशनशिप को ढूंद्ते हैं। जैसी की किसी सुपरमार्केट ने उस डाटा को इकठठा किया जिसमे कस्टमर की आदतों का आकलन हो और उसके बारे में हो की कौन सा प्रॉडक्ट अच्छा था और उनका शॉपिंग एक्सपिरियन्स कैसा था। इसे हम मार्केट बास्केट एनालिसिस भी बोलते हैं।
    3. क्लस्टरिंग – यह ग्रुप और स्ट्रक्चर को डाटा में से छाँटता है जो की उसी तरह के हैं जो की पहले से डाटा में स्ट्रक्चर थे।
    4. क्लास्सिफिकेशन – यह नए डाटा को स्ट्रक्चर में कैसे डाले उसके लिए होता है जैसे की ईमेल मे काफी मेलों को वह बांटता है कुछ मेल स्पैम में जाते हैं और कुछ मेल हमारे इनबॉक्स में आते हैं।
    5. रिग्रेशन – यह डाटा को उस तरह से लगाता है जिससे की डाटा में कम से कम एरर आए और डाटा का एस्टिमेशन भी सही तरह से हो सके, इसलिए रिग्रेशन हमारे लिए काफी जरूरी होता है और हमे डाटा माइनिंग में काम आता है।
    6. समराईजेशन – यह डाटा सेट को बड़े ही कॉम्पैक्ट तरीके से दिखाता है। पर इसमे यह फायदा है की यह रिज़ल्ट को बहुत अच्छे से पार्ट्स में दिखाता है और डाटा की रिपोर्ट भी बड़ी आसानी से बना देता है जिससे की हमें डाटा को पढ़ने में मुश्किल नहीं होती। इस प्रकार हम डाटा को आसानी से पढ़ पाते हैं और उसे समझ पाते हैं।

    डेटा माइनिंग से सबंधित यदि आपके मन में कोई सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

    3 thoughts on “डाटा माइनिंग क्या है?”
    1. डाटा माइनिंग करते समय अगर कोई इम्पोर्टेन्ट डाटा चला गया तब क्या करगे क्या वो दुबारा मिल जायेगा

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