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    भारतीय रेलवे

    हाल ही में ज़ी बिज़नस द्वारा पेश की गयी एक रिपोर्ट में बताया गया है की अबसे यदि कोई यात्री टिकेट कन्फर्म होने के बाद उस यात्रा पर न जाना चाहे तो वह उस टिकट को कैंसिल करने के बजाय अपने किसी संबंधी या रिश्तेदार को भेज सकता है।

    यदि पहले की बात करें तो केवल एक ही विकल्प होता था जिसके अंतर्गत हमें टिकेट कैंसिल करना होता था और यदि समय से 24 घंटे पहले टिकेट कैंसिल नहीं होती थी तो उसके लिए हर्जाना देना होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है कैंसिल करने के अलावा अब हम इस टिकेट को अपने सगे-संबंधियों को भी दे सकते हैं।

    इंडियन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर दी जानकारी :

    इंडियन रेलवे ने यह घोषणा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है। इसमें उन्होंने कहा है की एक कन्फर्म टिकट रखने वाला व्यक्ति पिता, माता, भाई, बहन, बेटे, बेटी, पति या पत्नी सहित परिवार के सदस्यों को अपना टिकट ट्रांसफर कर सकता है। इस टिकट ट्रांसफर सुविधा का लाभ ऑफलाइन और ऑनलाइन टिकट दोनों के लिए लिया जा सकता है। आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक किए गए ऑनलाइन टिकटों के लिए, ई-आरक्षण पर्ची की एक मुद्रित प्रति के साथ पास के रेलवे आरक्षण कार्यालय में जा सकते हैं और अपना रिकवेस्ट सुमित कर सकते हैं।

    रेलवे ने राखी यह शर्तें :

    हालांकि रेलवे ने अब टिकट को कैंसिल करने के अलावा भी यात्रियों को एक विकल्प दिया है, लेकिन इस विकल्प के साथ रेलवे ने कुछ शर्तें रखी हैं।

    यदि कोई यात्री अपनी टिकेट को कैंसिल करने की बजाय अपने किसी संबंधी को ट्रान्सफर करना चाहता है तो रेलवे ने यह शर्त रखी है की उसे ऐसा करने के लिए 24 घंटे पहले जानकारी देनी होगी। इसके बाद यदि जानकारी दी जाती है तो ऐसा नहीं हो पाएगी।

    इसके साथ ही रेलवे ने यह भी कहा है की यह टिकट किसी मान्यताप्राप्त शिक्षण स्थान के विद्यार्थी को भी की जा सकती है। विद्यार्थी के अलावा यह टिकेट किसी सरकारी संस्थान में कार्य करने वाले कर्मचारी को भी ट्रान्सफर की जा सकती है।

    By विकास सिंह

    विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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