दा इंडियन वायर » विदेश » राष्ट्रपति जो बिडेन अमेरिका में गन कल्चर को ख़त्म करने के लिए लाये नए कानून
विदेश

राष्ट्रपति जो बिडेन अमेरिका में गन कल्चर को ख़त्म करने के लिए लाये नए कानून

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने गुरुवार को तीन घातक सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं – जिसमें अटलांटा में एशियाई अमेरिकियों की हत्या और हाल के महीनों में कोलोराडो में एक किराने की दुकान पर दुकानदारों पर हमला शामिल है- के बाद छह सुधारों के माध्यम से सीमित बंदूक नियंत्रण सुधारों की घोषणा की। बिडेन ने कहा, “गोलीबारी के संस्कृति अमरीका के लिए एक महामारी और अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी है।”

आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में मौजूदा वर्ष में अब तक करीब 450 लोगों की जान इसी गन कल्‍चर की वजह से गई है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह हथियार हासिल करने के लिए बनाए गए नियम है। कई बार इन्‍हें बदलने के लिए आवाज़ तो उठाई गई लेकिन हुआ कभी कुछ नहीं।

अमेरिका में हथियारों की खरीद-फरोख्‍त पर न तो सख्‍ती है और न ही किसी तरह की कोई रोक नहीं है। यही वजह है कि वहां पर कोई भी आसानी से हथियारों को हासिल कर सकता है। स्माल आर्म्स सर्वे 2011 के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में 100 में से 88 अमेरिकी नागरिकों के पास हथियार मौजूद हैं। वर्ष 2013 से 2018 के बीच अमेरिका में गोलीबारी की 291 घटनाएं सामने आई थीं। अमेरिका के द गन कंट्रोल एक्ट 1968 कानून के अनुसार किसी तरह का छोटा हथियार या राइफल खरीदने के लिए व्‍यक्ति की उम्र 18 वर्ष होनी जरूरी है।

पहले कदम के अनुसार न्याय विभाग को “घोस्ट गन्स” के प्रसार को रोकने के लिए अगले 30 दिनों के भीतर एक नियम का प्रस्ताव करने की आवश्यकता होगी। घोस्ट गन्स ऐसी बंदूकें हैं जिन्हें भागों में खरीदा जा सकता है और 30 मिनट के भीतर जोड़कर एक हथियार बनाया जा सकता है।

अगला कदम न्याय विभाग को एक नियम की घोषणा करने के लिए कहता है जिसके तहत स्थिरीकरण ब्रेसिज़ के विषय कोअधिक कठोर राष्ट्रीय आग्नेयास्त्र अधिनियम पंजीकरण के अंतर्गत लाया जाएगा। स्थिरीकरण ब्रेसिज़ पिस्तौल को मिनी राइफल्स में बदल सकता है जिससे हथियार को अधिक स्थिर और सटीक बनाया जा सकता है। अधिकारीयों के अनुसार कोलोराडो के बोल्डर शहर में हुई गोलीबारी की घटना- जिसमें 10 लोग मारे गए- को अंजाम इसी स्थिरीकरण ब्रेसिज़ की सहायता से दिया गया।

अगले कदम के अनुसार न्याय विभाग को राज्यों के लिए एक मॉडल “रेड फ्लैग” कानून प्रकाशित करने की आवश्यकता होगी। इसके अंतर्गत यदि परिवार के सदस्यों या पुलिस द्वारा याचिका दायर की गई हो तो उस व्यक्ति को आग्नेयास्त्रों तक पहुंच से वंचित किया जा सकेगा। शेष दो कदम के अनुसार साक्ष्य-आधारित सामुदायिक हिंसा हस्तक्षेप में वृद्धि पर ज़ोर और आग्नेयास्त्र तस्करी पर एक वार्षिक रिपोर्ट के प्रकाशन को मंज़ूरी दी है। गौरतलब है कि 2000 के बाद से आग्नेयास्त्र तस्करी पर रिपोर्ट को प्रकाशित नहीं किया गया है।

About the author

आदित्य सिंह

दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

Add Comment

Click here to post a comment

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!