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    जेएलएफ 2019: शशि थरूर ने कहा-पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साढ़े चार साल मुझे सही साबित करने में बिताए हैं

    “जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल” (जेएलएफ) के पहले दिन बहुत कुछ देखा गया- जो सचिन पायलट युवा लोगों के बारे में सोचते हैं, और सबरीमाला के आसपास बहुत सारी बातचीत और बोलने की आजादी। मगर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जो इस बार भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरना नहीं भूले।

    पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए, थरूर ने कहा कि उनकी किताब-‘पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ एकदम सटीक है।

    उनके मुताबिक, “शुरू में, श्री मोदी सभी सही बातें कह रहे थे। वह ‘सबका विकास’ के बारे में बात कर रहे थे, वह कह रहे थे कि मैं सभी भारतीयों के लिए एक प्रधान मंत्री बनूंगा, वह कह रहे थे कि संविधान मेरी पवित्र पुस्तक थी और इसी तरह और भी। इसलिए मैंने कहा कि हमें ना केवल इन कथनों का स्वागत करना है, बल्कि उनका स्वागत करते हुए हम एक मापदंड रख रहे हैं जिसके तहत हम भविष्य में उन्हें आंकेंगे। अगर मैंने उनकी सही बातों पर भी उनकी आलोचना की थी, तो उनके गलत होने पर उनकी आलोचना करने की हमारी विश्वसनीयता कम हो जाएगी।”

    पीएम मोदी के सत्ता में आने के छह महीने बाद, थरूर ने कहा कि उन्होंने अपनी पुस्तक ‘पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ लिखना शुरू कर दिया।

    कांग्रेस नेता ने कहा-“वह इन सभी उदारवादी बातों को कहते हैं और इन सभी घोषणाओं को करते हैं। लेकिन वह भारतीय समाज में सबसे उदार तत्वों पर देश भर में अपने चुनावी व्यवहार्यता के लिए अपने राजनीतिक महत्व को आगे रखते हैं। दुर्भाग्य से, श्री मोदी ने पिछले साढ़े चार साल मुझे सही साबित करने में बिताए हैं।”

    थरूर ने सबरीमाला पर भी बात की और कहा-“चार बुनियादी सिद्धांत हैं जो किसी भी लोकतांत्रिक बातचीत में होने चाहिए – संविधान और संस्थाएं जैसे सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान, धर्म की स्वतंत्रता का सम्मान, अपने संस्कारों का पालन करने का अधिकार जब तक वे दूसरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं और कानून के शासन के लिए सम्मान, सबरीमाला पहला मुद्दा है और मुझे उम्मीद है कि ये एकमात्र मुद्दा रहे जिस पर ये सिद्धांत एक दूसरे के साथ टकराते हैं।”

    By साक्षी बंसल

    पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

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