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भाव में नरमी के कारण जून में 13 फीसदी घटा देश का तेल आयात खर्च

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पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)| बीते महीने जून में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी रहने के कारण भारत को तेल के आयात पर पिछले साल के मुकाबले कम खर्च करना पड़ा। पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद पर इस साल जून में भारत का खर्च पिछले साल के मुकाबले 13.33 फीसदी घटकर 11.03 अरब डॉलर रह गया। ये आंकड़े सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए।

भारत को इस साल जून में पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद के आयात पर 11.03 अरब डॉलर खर्च करना पड़ा जबकि पिछले साल जून में देश को पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद के आयात पर 12.72 अरब डॉलर खर्च करना पड़ा था। इस प्रकार डॉलर के मूल्य में इनके आयात पर 13.33 फीसदी कम खर्च हुआ।

हालांकि रुपये के मूल्य में देखा जाए तो भारत द्वारा इस साल जून में आयात किए गए पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद का मूल्य 76,586.73 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले 2018 के इसी महीने में आयातित पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद का मूल्य 86,270.79 करोड़ रुपये था। इस प्रकार पेट्रोलियम, कच्चा तेल व उत्पाद के आयात पर खर्च में पिछले साल के मुकाबले इस साल जून में 11.23 फीसदी की कमी आई।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का औसत भाव इस साल मई में 70.30 डॉलर प्रति बैरल था जबकि जून में औसत भाव 63.04 डॉलर प्रति बैरल रहा। इस प्रकार मई के मुकाबले जून में कच्चे तेल के दाम में 10 फीसदी की नरमी रही। वहीं, पिछले साल 2018 के जून में कच्चे तेल का औसत भाव 75.94 डॉलर प्रति बैरल था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले इस साल कच्चे तेल के भाव में 16.98 फीसदी की नरमी रही।

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