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जीएसटी को लेकर व्यापारिओं में डर और कन्फ्यूजन

जीएसटी बदलाव
देश में जी.एस.टी. बिल के पास होने से व्यापारिओं में डर और ब्रह्म का माहौल है। ज्यादातर लोगों को जी.एस.टी. बिल के नियमों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

देश में जीएसटी बिल के पास होने से व्यापारिओं में डर और ब्रह्म का माहौल है। ज्यादातर लोगों को जीएसटी बिल के नियमों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कुछ लोगो का कहना है की जी.एस.टी. लागू होने के बाद टैक्स चोरी करने के इरादे से चीज़ों की तस्करी बढ़ेगी तो कुछ का कहना है की लोग टैक्स ना देने के चक्कर में ब्लैक में सामान बेचेंगे।

दुकानदारों

दिल्ली में कुछ दुकानदारों से पूछ्तात के दौरान उन्होंने कहा की जी.एस.टी. बिल बहुत ही माथापच्ची है। इसके अनुसार दुकानदारों को साल में 37 रिटर्न्स भरने पड़ेंगे। ऐसे में दुकानदार रिटर्न्स भरते रहेगा या फिर अपना काम करेगा। कुछ दुकानदारों ने ये भी कहा है की उन्हें अभी तक नहीं बताया गया है की जी.एस.टी. बिल है क्या और उन्हें इसमें क्या फरक पड़ेगा?

दिल्ली के सदर बाज़ार के चेयरमैन ब्रिज मोहन विज और जनरल सेक्रेटरी देवराज बवेजा ने भी इस समस्या पर बयान दिया और कहा की वे जी.एस.टी. बिल को लेकर परेशान नहीं हैं पर इसे समझ पाना थोड़ा मुश्किल है। उनके अनुसार सरकार को इसे छोटे दुकानदारों को समझाना पड़ेगा ताकि वो इसका लाभ उठा सके।

दुकानदारों में ये भी समस्या है की जो पुराना माल पड़ा है उसका क्या होगा? बहुत से सामान के टैक्स दर बढ़ा दिया गया है। जैसे टू-व्हीलर पार्ट्स पर पहले 12% टैक्स लगता था जो अब बढाकर 28% कर दिया है। ऐसे में दुकानदार और डीलर्स को बहुत मुश्किलें हो रही हैं।

अब देखना यह है की सरकार कैसे दुकानदारों की मुश्किलें आसान करती है। अगर सरकार छोटे दुकानदारों को सही ढंग से जी.एस.टी. बिल के नियमों से अवगत करा सकता है तो यह सबके लिए अच्छा होगा।

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पंकज सिंह चौहान

पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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