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    rahul gandhi

    केंद्र सरकार ने कहा कि सरकार 99 फीसदी वस्तुओं को 18 फीसदी जीएसटी स्लैब के नीचे लाना चाहती है तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने इसके लिए अपनी पीठ थपथपाई और प्रधानमंत्री को कहा कि हमने (कांग्रेस) ने गब्बर सिंह टैक्स पर प्रधानमंत्री जी को गहरी नींद से जगा दिया है।

    उन्होंने कहा कि देर से जागना, कभी नहीं जागने से फायदेमंद होता है। अब सरकार कांग्रेस के  ग्रैंड स्टुपिड थॉट (बहुत ही बचकानी सोच) वाली जीएसटी को लागू करना चाहती है।

    उन्होंने ट्वीट कर के कहा कि “अंततः कांग्रेस पार्टी ने नरेंद्र जी को गब्बर सिंह टैक्स पर अपनी गहरी नींद से जगा दिया है। वह अब वह उसी जीएसटी को लागू करना चाहता है जिसे उसने पहले कांग्रेस पार्टी का “बेहद बेवकूफ विचार” कहा था।” उन्होंने आगे लिखा “देर से जागना न जागने से अच्छा होता है।”

    रविवार को जीएसटी कौंसिल की मीटिंग होने वाली है उससे पहले राहुल गाँधी का ये बयान आया है।

    पीएम मोदी ने मंगलवार को संकेत दिया कि 1,200-विषम वस्तुओं में से केवल 0.5 से एक प्रतिशत वस्तुओं पर 28 प्रतिशत पर कर लगाया जाएगा। बाकी वस्तुओं को कम स्लैब के तहत लाया जाएगा। “आज, हम उस स्थिति तक पहुंच रहे हैं जहां 99 प्रतिशत चीजें 18 प्रतिशत या उससे कम कर के तहत लाई जा सकती हैं। और हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके बाद, आधे प्रतिशत या एक प्रतिशत लक्जरी वस्तुओं को 18 प्रतिशत से बाहर रखा जाएगा, जिसमें हवाई जहाज की खरीद, एक बड़ी कार, अल्कोहल, सिगरेट और कुछ चीजें खरीदना शामिल है, जो एक प्रतिशत भी नहीं होगा।

    यह पहली बार नहीं है जब राहुल ने प्रधान मंत्री और भाजपा के लिए “जागने” की बात की है। जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के नवनिर्वाचित सरकारों ने किसानों का ऋण माफ़ किया तो भाजपा शासित असम सरकार ने भी किसानों का 25 फीसदी ऋण माफ़ किया और गुजरात सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख परिवारों का बकाया बिजली बिल माफ़ किया। उसपर राहुल गाँधी ने कहा था कि कांग्रेस ने सबको जगाया है। अब मोदी जी को भी जगायेंगे।

    By आदर्श कुमार

    आदर्श कुमार ने इंजीनियरिंग की पढाई की है। राजनीति में रूचि होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कई वेबसाइट पर स्वतंत्र लेखक के रूप में काम किया है। द इन्डियन वायर पर वो राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं।

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