जावेद अख्तर ने रमजान और चुनावी तारीखों के ऊपर चल रहे विवाद को ठहराया घृणास्पद

जावेद अख्तर ने रमजान और चुनावी तारीखों के ऊपर चल रहे विवाद को ठहराया घृणास्पद

अनुभवी गीतकार-लेखक जावेद अख्तर ने कहा कि रमजान की तारिख को लोक सभा चुनाव की तारीखों संग जोड़ना घृणास्पद है। और उन्होंने साथ ही चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह एक सेकंड भी इस विवाद के ऊपर विचार करके बर्बाद ना करें।

अख्तर ने सोमवार की रात को इस पूरे मामले ट्वीट किया और कहा-“मुझे रमजान और चुनाव के ऊपर हो रही ये पूरी चर्चा पूरी तरह से घृणित लगती है। यह धर्मनिरपेक्षता का विकृत और विक्षेपित संस्करण है जो मेरे लिए प्रतिकारक, विद्रोही और असहनीय है। चुनाव आयोग को एक सेकंड के लिए भी इस विवाद पर विचार नहीं करना चाहिए।”

मशहूर शायर की प्रतिक्रिया तब आई जब समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान और तृणमूल कांग्रेस नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने सात चरणों के लोक सभा चुनाव के कार्यक्रम पर सवाल उठाये। फिरहाद ने कहा कि वह चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं लेकिन इस वक़्त चुनाव घोषित करने का क्या मतलब है?

उनके मुताबिक, “तीन राज्यों (बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में अल्पसंख्यकों की आबादी अधिक है। वह रोज़ा करके ही वोट डालेंगे। चुनाव आयोग को ये बात दिमाग में रखनी चाहिए थी। भाजपा चाहता है कि अल्पसंख्यक वोट ना डाले। लेकिन हम चिंतित नहीं हैं। लोग ‘भाजपा हटाओ-देश बचाओ’ के लिए प्रतिबद्धित हैं।”

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