जावेद अख्तर ने बुर्का और घूंघट पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर दी सफाई

जावेद अख्तर

भोपाल: मशूहर गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि बुर्के पर प्रतिबंध लगाने से उन्हे कोई आपत्ति नही हैं लेकिन साथ ही साथ यह कानून राजस्थान में वहां की महिलाओं के घूंघट प्रथा के खिलाफ भी लागू होना चाहिए।

जावेद का यह बयान शिवसेना के मुखपत्र में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर बुर्के पर प्रतिबंध लगाने में श्रीलंका का अनुकरण करने के बाद आई थी।

अख्तर ने कहा,” अगर आप बुर्के पर प्रतिबंध का कानून लाना चाहते हो और अगर यह किसी का दृष्टिकोण हैं तो मुझे कोई आपत्ति नही हैं। लेकिन राजस्थान के अंतिम चरण के मतदान से पहले, इस सरकार को राज्य में घूंघट प्रथा पर पाबंदी लगाने की घोषणा कर देनी चाहिए।”

उन्होंने कहा,” मेरा मानना हैं कि घूंघट को चले जाना चाहिए। तब मुझे खुशी होगी।”

बॉलीवुड के दिग्गज ने कहा,” मुझे बुर्के की थोड़ी जानकारी हैं क्योंकि मेरे घर में कामकाजी महिलाए हैं और मैंने इसे अपने घर में प्रयोग होते नही देखा।

उन्होंन कहा,” ईराक एक कट्टर मुस्लिम देश हैं लेकिन उनकी महिलाए अपना चेहरा कवर नही करती हैं। श्रीलंका में भी कानून हैं कि महिलाए अपना चेहरा नही कवर करेंगी।

श्रीलंका में बुर्के पर प्रतिबंध पर फैसला ईस्टर संड़े के आतंकी हमले के मद्देनजर लिया गया जिसमे 250 लोग मारे गए थे।

जावेद अख्तर की सफाई

बुर्का और घूंघट को एक बताते हुए दोनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बयान पर विवाद होने के बाद प्रसिद्घ गीतकार जावेद अख्तर ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़ने मरोड़ने की कोशिश की गई है।

जावेद अख्तर ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, “कुछ लोग मेरे बयान को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने कहा है कि श्रीलंका में यह सुरक्षा कारणों से किया गया है, लेकिन वास्तव में यह महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है। चेहरे को ढंकना बंद कर देना चाहिए चाहे नकाब या घूंघट हो।”

जावेद अख्तर ने गुरुवार को यहां बुर्के पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर चल रही बहस के सवाल पर कहा था कि मेरे घर में सभी महिलाएं कामकाजी रही हैं, मां भोपाल के हमीदिया कॉलेज में पढ़ाती थीं, घर में कभी बुर्का देखा नहीं, इसलिए बुर्के के मामले में मेरी जानकारी कम है।

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था, “बुर्के को लेकर भी बहस है, ईरान कट्टर मुस्लिम देश है, लेकिन वहां महिलाएं चेहरा नहीं ढकती। श्रीलंका में जो कानून आया, उसमें भी है कि औरतें चेहरा नहीं ढक सकती। आप चाहे जो पहनें मगर चेहरा कवर नहीं होना चाहिए, आपका चेहरा खुला होना चाहिए। यहां भी अगर ऐसा कानून लाना चाहते हैं और यह किसी की राय है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे पहले कि राजस्थान में चुनाव का आखिरी चरण हो जाए उससे पहले इस केंद्र सरकार को ऐलान करना होगा कि राजस्थान में भी कोई महिला घूंघट नहीं लगा सकती।

जावेद अख्तर ने आगे कहा था, “चेहरे बुर्के से कवर होंगे या घूंघट से, यह एक बात है। अगर बुर्के और घूंघट हट जाएं तो मुझे खुशी होगी।”

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