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    शेख हसीना

    बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सहायता, व्यापार और निवेश के बाबत चर्चा के लिए जापान की यात्रा पर रवाना हो चुकी है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री शिंजो आबे के प्रशासन के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्धो को रेखांकित किया गया था। पांच वर्ष के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत करने वाली शेख हसीना मंगलवार को पंहुची थी और वह शिंजो आबे से मुलाकात के लिए तैयार है और बुधवार को दोनों एक संयुक्त न्यूज़ कांफ्रेंस का आयोजन करेंगे। शेख हसीना के सम्मान में रात्रि भोज का भी आयोजन किया जायेगा।

    जापानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेता बंगाल की खाड़ी विकास परियोजना और आर्थिक व सुरक्षा साझेदारियों पर चर्चा करेंगे। जापान को पड़ोसी मुल्क चीन से आर्थिक और सुरक्षा का खतरा है। इस हफ्ते शिंजो आबे ने फिलीपीन्स, कम्बोडिया, मलेशिया, वियतनाम, सिंगापुर और लाओस के नेताओं से मुलाकात की थी।

    हाल ही में उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चार दिवसीय यात्रा की मेज़बानी की थी। शेख हसीना प्रधानमंत्री  विपक्षी नेता के तौर पर इससे पूर्व पांच दफा जापान की यात्रा कर चुकी है लेकिन हालिया चुनावी जीत के बाद यह पहली जापानी यात्रा है।

    जापान और बांग्लादेश के बीच व्यापार का प्रचार दोनो पक्षो के लिए जरुरी है। बांग्लादेश अधिकतर स्टील, ऑटोस और मशीनरी का आयात करता है और जापान कपड़ो के उत्पाद और जुट का आयात करता है। साल 2009 के स्तर से बांग्लादेश से जापानी आयात में चारगुना वृद्धि हुई है।

    बांग्लादेश में जापानी कंपनियों की दुकानों की स्थापना में भी वृद्धि हो रही है। बांग्लादेश को लम्बे समय से जापान अपना महत्वपूर्ण साझेदार मानता है क्योंकि बांग्लादेश ने यूएन सुरक्षा परिषद् की स्थायी सदस्यता जापान को देने का समर्थन किया है। साथ ही परमाणु हथियार में अपनी स्थिति से भी जापान का समर्थन किया है ,

    दिसंबर में आयोजित हुए चुनावो में शेख हसीना ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। विपक्षी नेताओं ने नए सिरे से चुनावो के आयोजन की मांग की थी और कहा कि चुनावो में धांधली हुई थी। इन आरोप को चुनाव आयोग और शेख हसीना ने खारिज कर दिया था।

    चुनावो में मतदान के दिन हुई भारी हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोगो की मौत हो गयी थी और चुनाव प्रचार के दौरान हसीना के विरोधियों को जेल भेजने और गिरफ्तार करने की कवायद जारी थी। विभागों ने कहा कि “गिरफ्तारी और कारावास भेजना राजनीति से प्रेरित नहीं था।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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