Wed. Oct 5th, 2022

    युक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर जानकारी दी कि विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। विदेश मंत्री आज से अमेरिका की अपनी 5 दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान एस.जयशंकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस से न्यूयॉर्क में मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वह अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से भी मुलाकात करेंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि एस.जयशंकर अमेरिकी लीडर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ वैक्सीन खरीदने को लेकर बात कर सकते हैं।

    अमेरिका पिछले कुछ समय में कई बार यह बात कह चुका है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में वह भारत की हर संभव मदद करने से पीछे नहीं हटेगा। वहीं, कई अमेरिकी सांसद भी राष्‍ट्रपति जो बाइडन से वैक्‍सीन को लेकर भारत की इस संकट की घड़ी में मदद करने का आग्रह कर चुके हैं। वैसे बता दें कि अमेरिका ने भारत को पहले से ही बड़े ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रेमेडिसविर जैसी महत्वपूर्ण दवाएं दी हैं। साथ ही ये वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए कच्चा माल प्रदान कर चुका है, जो कोविशील्ड का उत्पादन कर रही है।

    विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि जयशंकर की अमेरिकी यात्रा 28 मई तक चलेगी। विदेश मंत्री के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मिलने की उम्मीद है और बाद में वह वाशिंगटन डीसी में अपने समकक्ष विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। वह द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित कैबिनेट सदस्यों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “विदेश मंत्री भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और कोरोना से संबंधित सहयोग पर व्यापार मंचों के साथ बातचीत करेंगे।”

    अमेरिका ने यह घोषणा की है कि वह अपने पास मौजूद कोरोना रोधी वैक्‍सीन के स्टॉक से 80 मिलियन टीके जरूरतमंद देशों को बांटने जा रहा है। बताया जाता है कि अमेरिका के पास 60 मिलियन एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और फाइजर, मॉडर्न और जॉनसन एंड जॉनसन कोविड-19 वैक्सीन का स्टॉक मौजूद है। ऐसे में एस.जयशंकर का दौरा काफी महत्‍वपूर्ण साबित हो सकता है। गौरतलब है कि भारत में इस समय कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है और प्रतिदिन लाखों मामले सामने आ रहे हैं। भारत में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से 3 लाख से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

    By आदित्य सिंह

    दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

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