Sun. Jun 4th, 2023

    पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम का दौरा किया और कहा कि वह उनकी हालत देखकर स्तब्ध रह गए हैं। धनखड़ ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अत्याचार का सामना करने वाले परिवारों से बातचीत करने से पहले नंदीग्राम के भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की। 

    राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को पूर्व मेदिनीपुर, जहां नंदीग्राम में चुनाव के बाद की हिंसा से प्रभावित लोगों ने शरण ली  हुई है। जिले में कुछ शिविरों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा की “आपने सीतलकुची की घटना को निर्मम हत्या और जनसंहार बताया था। क्या आपने नंदीग्राम में बच्चों और महिलाओं की चीख-पुकार सुनी है? यहां लाखों लोग बेघर हैं?

    “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लोगों की दुर्दशा को समझना चाहिए। उन्हें यहां और अन्य जगहों पर चुनाव के बाद की हिंसक स्थिति पर भी ध्यान देना होगा” – पश्चिम बंगाल राज्यपाल जगदीप धनखड़

    धनखड़ ने गुरुवार को कूच बिहार के विभिन्न स्थानों का दौरा किया था और उन लोगों से मुलाकात की थी जो कथित रूप से चुनाव के बाद की हिंसा से प्रभावित हुए थे। राज्यपाल जगदीप धनखड़ को सीतलकुची में कई जगह काले झंडे दिखाए गए और दिनहाटा जिले में  उन्हें “वापस जाओ” के नारे भी सुनाई दिए। 

    राज्यपाल ने शुक्रवार को असम के रणपगली का भी दौरा किया, जहां कई भाजपा कार्यकर्ता और उनके परिवारों ने शरण ली हुई है। इन भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस द्वारा गुंडों के अत्याचारों का सामना करना पड़ा था। 

    राज्यपाल जगदीप धनखड़ के उत्तर बंगाल जिले दौरे को लेकर  उनके और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच खूब अनबन हुई थी। तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को धनखड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राज्य में राजनीतिक दलों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। सिर्फ एक राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के उनके आचरण के कारण। यहां तक ​​कि उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ सभी महत्वपूर्ण  निर्णय एक ठंडे बस्ते में डाल दिए है। 

    धनखड़ की नंदीग्राम यात्रा पर टिप्पणी करते हुए, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि कोविड जागरूकता पैदा करने के लिए लोगों का पक्ष लेने के बजाय, “वह महामारी के खिलाफ सभी महत्वपूर्ण लड़ाई से ध्यान हटाने के लिए काम कर रहे हैं”।राज्यपाल ने अपने आचरण से राज्य के लोगों के सामने, पार्टियों के सामने अपनी अहमियत को खुद ही कम किया है। “वह सिर्फ एक हंसी का पात्र बन रहे है” – रॉय ने तीखी टिप्पणी में कहा 

    By दीक्षा शर्मा

    गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से LLB छात्र

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *