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चीन ने मालदीव को थमाया 3.2 बिलियन डॉलर का बिल, सोलिह सरकार को कर्ज की कोई जानकारी नहीं

मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहीम सोलिह

मालदीव में नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लगभग एक सप्ताह गुजर चुका है लेकिन अभी तक सरकार चीन के कुल कर्ज के जानकारी जुटाने में असफल रही है। सरकार ने बीते पांच वर्षों में चीनी कर्ज से कई निर्माण कार्य किया हैं, लेकिन पांच सालों में चीनी कर्ज के सटीक अंदाज़ा नहीं लगा पायी है।

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद अब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहीम सोलिह के सलाहकार का कार्यभार संभल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मालदीव में नियुक्त चीनी राजदूत ने सरकार को 3.2 बिलियन डॉलर का बिल थमाया है यानी एक निर्माण कार्य के लिए चीन ने 8000 डॉलर चार्ज किये हैं। हालांकि चीन ने इस सूचना से इनकार किया है और कहा कि मालदीव पर चीनी कर्ज लगभग 1.5 बिलियन डॉलर है।

मोहम्मद नशीद ने कहा कि वह बिल वाकई 3.2 बिलियन का डॉलर का था और बेहद आश्चर्यचकित था। उन्होंने कहा कि यह बातचीत में नहीं बल्कि लिखित में दिया गया है, यह साफ़ है कि जरुरत से ज्यादा वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि चीनी राजदूत ने चुनाव में जीत के एक दिन बाद 6 अक्टूबर को इब्राहीम सोलिह को एक बिल था।

मोहम्मद नशीद की टिप्पणी पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव में नियुक्त चीनी राजदूत ने ने इसे असत्य करार देते हुए खारिज कर दिया था। इस बात पर दोराय नहीं है कि मालदीव में इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए चीन ने करोड़ों का कर्ज दिया था।

इब्राहीम सोलिह ने कहा कि देश की आर्थिक स्थित उम्मीद से ज्यादा खराब है, चीनी कंपनियों से साथ हुए सभी समझौतों की जानकारी जुटाने में एक माह से अधिक का समय लगेगा।

मोहम्मद नशीद ने कहा कि हम चीन से लिए कर्जा का आंकलन करने में विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर्ज और सरकार से सरकार का कर्ज अलग है लेकिन यहाँ निजी क्षेत्रों और कर्ज में डूबी हुई राज्य अधिकृत उद्योग पर सार्वधिक कर्ज है।

अब्दुल्ला यामीन ने अपने प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि बीते कुछ सालों में मालदीव में कई कार्य संपन्न हुए हैं, उसके लिए उन्होंने कर्ज लिया था। उन्होंने कहा था कि सालों में संपन्न होने वाले विकास कार्य को हमने कुछ वर्षों में मुक्कमल कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि बिना कर्ज लिए यदि हम मालदीव की आमदनी का इंतजार करते, तो यह विकास कार्य कभी मुमकिन न हो पाता।

चीनी राजदूत ने कहा कि चीन ने 600 मिलियन डॉलर समुद्री पुल के निर्माण के लिए दिए थे और 900 मिलियन डॉलर का कर्ज अन्य राज्य अधिकृत कंपनियों क नए प्रिजेक्ट की शुरुआत के लिए मुहैया किये गए थे। मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा कि वह जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार के बाबत बातचीत के लिए चीन का दौरा करेंगे।

मालदीव में चीनी दूतावास की स्थापना आठ वर्ष पूर्व हुई थी, इसके बाद चीन और मालदीव के मध्य कई समझौते किये गए थे। अब्दुल्ला यामीन ने कई टापुओं को पर्यटन स्थल में परिवर्तित करने के लिए चीनी कंपनियों को सौंपे थे।

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कविता

कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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