मंगलवार, जनवरी 21, 2020

गुर्जर आरक्षण धरना: विरोध प्रदर्शन के चलते 12 ट्रेनों के रूट प्रभावित

Must Read

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप)...

गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन और धरने के चलते राजस्थान में रेलवे को ट्रेनों के संचालन में तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

आरक्षण की मांग लिए हुए गुज्जर समुदाय के लोगों ने इस समय राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में रेलवे ट्रैक पर कब्जा किया हुआ है। इसके चलते कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने के साथ ही कई ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ा है।

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा डिवीजन की 7 ट्रेनों के रूट में परिवर्तन करना पड़ा है, जबकि एक ट्रेन को रद्द और तीन ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा है।

गुर्जर संघर्ष समिति (जीएसएस) नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने शुक्रवार को अपने समर्थकों को साथ लेकर गुज्जर समुदाय के साथ ही अन्य चार समुदायों के लिए आरक्षण की माँग करते हुए धरने पर बैठने का निर्णय लिया है।

प्रदर्शनकारियों ने गुज्जर समुदाय के अलावा रायकारबाड़ी, गड़िया लोहार, बंजारा और गड़रिया समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में प्रवेश को लेकर अलग से 5 प्रतिशत आरक्षण देने की माँग रखी है।

इसके पहले पिछले महीने ही बैंसला ने राज्य सरकार को 20 दिनों का अल्टिमेटम जारी कर गुज्जर समुदाय के लिए आरक्षण को लेकर अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कहा था।

शुक्रवार को 20 दिनों की सीमा समाप्त हो जाने के साथ ही बैंसला ने सवाई माधोपुर जिले के मलारणा डूंगर में एक ‘महा पंचायत’ करते हुए अपने समर्थकों के साथ ट्रेनों को रोकने के लिए ट्रैक पर बैठने का निर्णय लिया है।

धरना दे रहे गुज्जरों ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि ‘हमारे पास अच्छे प्रधानमंत्री और अच्छे मुख्यमंत्री है। हम चाहते हैं कि वो हमारी बात सुनें। उनके लिए हमें आरक्षण देना कोई बड़ा काम नहीं है।’

वहीं गुज्जरों के नेता बैंसला ने मीडिया से रूबरू होते हुए यह कहा है कि ‘समय बादल रहा है और अब जनता को हर बार बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है। अबकी करो या मरो की स्थिति है।’

बैंसला के अनुसार यह यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होगा, जिसका प्रतिनिधित्व खुद बैनस्ल करेंगे।

हालाँकि इस बार मानवाधिकार आयोग ने भी अपनी तरफ से सख्ती दिखाते हुए सरकार से कहा है कि यदि प्रदर्शंकारी किसी भी दशा में सार्वजनिक सपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। इस संबंध में आयोग ने 11 फरवरी को पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट भी तलब की है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप) के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने...

झारखंड : नई सरकार के शपथ ग्रहण के 24 दिनों बाद भी नहीं हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, गैरों के साथ अपने भी कस रहे तंज!

झारखंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण 29 दिसंबर को हुआ था। अबतक 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार...

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मनाया 48 वां राज्य दिवस

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मंगलवार को अलग-अलग अपना 48वां राज्य दिवस मनाया। इस मौके पर कई रंगा-रंग कार्यक्रम पेश किए गए। राष्ट्रपति रामनाथ...

महाराष्ट्र : भाजपा ने राकांपा के मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई, बताया हिंदू विरोधी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के बायन पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -