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कमल हासन, शबाना आजमी, मनोज वाजपेयी, मधुर भंडारकर, विवेक अग्निहोत्री, सोनम कपूर आदि फ़िल्मी सितारों ने गिरीश कर्नाड के निधन पर जताया शोक

मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)| ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता गिरीश कर्नाड के निधन पर फिल्मी हस्तियों ने गहरा शोक जताते हुए इसे कला जगत की एक बहुत बड़ी क्षति बताया। कमल हासन, शबाना आजमी, मनोज वाजपेयी, मधुर भंडारकर समेत तमाम दिग्गज फिल्मी हस्तियों ने ट्विटर के जरिए अपना शोक व्यक्त किया।

गिरीश कर्नाड का निधन बेंगलुरू में उनके घर में सोमवार की सुबह हुआ। वह 81 साल के थे। उनके परिवार में उनके बेटे रघु हैं, जो पेशे से लेखक और पत्रकार हैं।

सितारों ने कुछ इस तरह ट्वीट कर शोक व्यक्त किया :

कमल हसन : गिरीश कर्नाड, उनकी पटकथाएं मुझे अचंभित भी करती थीं और प्रोत्साहित भी। वह अपने पीछे कई प्रोत्साहित प्रशंसक छोड़ गए हैं जो लेखक हैं। उनके जाने से जो क्षति हुई है, शायद इन प्रशंसकों के कामों से वह थोड़ी कम हो जाए।

शबाना आजमी : गिरीश कर्नाड के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। अभी भी उनके परिवार से बात कर पाने में असमर्थ हूं। हमारी 43 साल की दोस्ती थी, उनका शोक जताने के लिए एकांत चाहिए। मीडिया से प्रार्थना है कि टिप्पणी के लिए मुझसे न कहे।

मनोज वायपेयी : थियेटर व साहित्य की दुनिया को बहुत बड़ा नुकसान। रचनात्मकता की दुनिया सदा उनकी ऋणी रहेगी। हमने अपने प्रेरणास्रोत को खो दिया।

मधुर भंडारकर : गिरीश कर्नाड जी के निधन की खबर सुनकर काफी दुख हुआ। थियेटर पर्सनालिटी, फिल्म अभिनेता व निर्देशक के तौर पर किए गए उनके कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ मेरी गहरी सहानुभूति है।

सोनम के. आहूजा : रेस्ट इन पीस। मुझे उनके काम पसंद थे।

सुधीर मिश्रा : यह क्या है! यह गिरीश कर्नाड की बात है। विजय तेंदुलकर, बादल सरकार और मोहन राकेश के साथ वह भारत के महान नाटक लेखक थे। केवल थिएटर के लिए किए गए कार्य की वजह से वह अमर हैं। उनके नाटकों की वजह से ही थियेटर विद्यार्थियों की पीढ़ियां बनीं।

राणा डग्गुबती : रेस्ट इन पीस गिरीश कर्नाड।

श्रुति हसन : ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे गिरीश कर्नाड सर।

विवेक अग्निहोत्री : ‘हयवदन’ और ‘उत्सव’ के सृष्टिकर्ता चले गए। कलाकार चले जाते हैं, लेकिन उनकी कृतियां रह जाती हैं। ओम शांति गिरीश कर्नाड।

दिव्या दत्ता : रेस्ट इन पीस गिरीश कर्नाड सर। एक ऐसा अभिनेता जिनकी अच्छाई उनकी आंखों में झलकती थी। हमनें एक हीरे को खो दिया।

कबीर बेदी : नाटककार गिरीश कर्नाड के जाने से काफी दुख हुआ।

श्रेयस तलपड़े : अपनी पहली फिल्म में उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान से भी बड़ी बात है। वह हमेशा से मददगार, ध्यान रखने वाले, सहयोग करने वाले और प्रोत्साहित करने वाले इंसान थे। लेखक, निर्देशक, अभिनेता के तौर पर उनके कार्यो को फिल्म जगत हमेशा याद रखेगा।

प्रभुदेवा : यह काफी दुखद है। वह काफी सरल और प्रतिभावान व्यक्ति थे।

अली अब्बास जफर : वह काफी सज्जन और ज्ञानी आत्मा थे। केवल फिल्म बिरादरी ही नहीं, बल्कि पूरा राष्ट्र उन्हें याद करेगा। मेरा उनके साथ प्रोफेसर और छात्र वाला रिश्ता था।

अनुपम खेर : ‘उत्सव’ फिल्म में मेरी पहली व छोटी उपस्थिति उनके निर्देशन में ही थी।

About the author

पंकज सिंह चौहान

पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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