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कोलकाता के 7 सबसे अमीर आदमियों की सूचि

सुब्रत रॉय कोलकाता संपत्ति

बंगाल की राजधानी कोलकाता शहर मुबंई के बाद भारत का सबसे बड़ा शहर माना जाता है। कोलकाता शहर की पहचान इसकी अद्भुत सरंचना और कुछ ऐतिहासिक स्मारकों की वजह से प्रसिद्ध है। कोलकाता शहर ने देश के बड़े-बड़े कविओं, लेखकों, फिल्म निर्माताओं, व्यापारियों, महान् पुरस्कार विजेता आदि महान् लोगों को बनाया है। इन सबके अलावा इस शहर को वर्षों से देश का धनी और समृद्ध शहर माना जाता है।

कोलकाता में देश की ढेरों कंपनियां और व्यापार स्थित है। कई अरबपति और धनी व्यक्ति कोलकाता से सम्बन्ध रखते हैं। इस लेख के जरिये हम कोलकाता शहर के 7 सबसे अमीर आदमियों के बारे में चर्चा करेंगे।

  1. बेनू गोपाल बांगुर

कुल सम्पत्ति – 40,000 करोड़ रूपए

बेनु गोपाल बांगुर कोलकाता

पूरे कोलकाता में व्यापार साम्राज्य को फैलाने वाले बेनू गोपाल बांगुर देश के अरबपतियों में से एक है। बेनू गोपाल बांगुर का जन्म 1931 मे कोलकाता के मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उनका परिवार राजस्थान के डिडवाना क्षेत्र से सम्बन्धित है। लेकिन बांगुर ने कोलकाता के विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की। अपने डिग्री पूरी करने के बाद बेनू गोपाल बांगुर ने अपने पारिवारिक व्यवसाय श्री सीमेंट की बागडोर अपने हाथों में संभाली।

इससे पहले 19 वी शताब्दीं में इस श्री सीमेंट व्यापार की नींव मुग्गी राम बांगुर और उनके भाई कोवर बांगुर ने रखी थी ,जो बाद में इस व्यापार को अपने पांचों पोतों में बांट दिया। बेनू गोपाल बांगुर मुग्गी राम बांगुर के पोते है जिन्होनें आगे चलकर अपनी नई सोच और नये तरीके के साथ पूरे जोश और सर्मपण के साथ इस व्यापार को आगे बढ़ाया। आज श्री सीमेंट कंपनी के मालिक बेनू गोपाल बांगुर के पास 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा सम्पत्ति है।

  1. हर्ष गोयनका

कुल सम्पत्ति – 16,000 करोड़ रूपए

हर्ष गोयनका संपत्ति

हर्ष गोयनका देश भर के अरबपतियों के बीच जानी-मानी हस्ती है। हर्ष गोयनका भारत के बड़े व्यापारी है, जो एंटरप्राइजेस के अध्यक्ष भी है। हर्ष गोयनका का जन्म 1957 में कोलकाता में हुआ, लेकिन उनके परिवार के लोग मुलत: राजस्थान के मारवाड़ी परिवार से है। हर्ष गोयनका ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद हर्ष ने अपने पिता राम प्रसाद गोयनका कंपनी की बाग़डोर संभाली।

हर्ष ने अपने उधोग को काफी लम्बा-चौड़ा फैलाया हुआ है। आज तक उनका उधोग बुनियादी ढांचा, वितरण, बागान, टायर, तकनीक आदि में सौदा करता है। सूचना प्रोद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, टायर, वृक्षारोपण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे डोमेन के हर्ष गोयनका बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरे है। हर्ष गोयनका की मेहनत की बदौलत आज कंपनी सालाना 3 बिलियन से अधिक का कारोबार करती है।

  1. अमर गोपाल बोस

कुल सम्पत्ति – 13,000 करोड़ रूपए

अमर गोपाल बोस

गोपाल बोस भी भारत के बड़े उधोगपतियों में से एक है। अमर गोपाल बोस का जन्म भारत के कोलकाता शहर में हुआ लेकिन उन्होनें अपने जीवन का अधिकांश भाग संयुक्त राज्य में काम करके बिताया है। अमर गोपाल बोस एक इलेक्ट्रिकल और ध्वनि के इंजीनियर भी है, इन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एमआईटी में पढ़ाया था।

बोस ने लगातार 45 वर्षो तक एमआईटी में पढ़ाया और बाद में अमर गोपाल ने बोस फाउंडेशन की स्थापना की। विज्ञान के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए बोस को कई प्रकार के पुरस्कार और सम्मान से नवाज़ा गया। अमर गोपाल बोस ने अपने मौत से पहले अपनी अधिकांश कंपनी का हिस्सा गैर-मतदान वाले शेयरों में एमआईटी में दान कर दी थी। अमर गोपाल बोस के द्वारा अपनी सम्पत्ति दान कर देने के बावजूद भी आज उनके परिवार के पास उनके नाम पर  2 अरब अमेरिकी डॉलर की सम्पत्ति है।

  1. संजीव गोयनका

कुल सम्पत्ति – 12,000 करोड़ रूपए

संजीव गोयनका

संजीव गोयनका भी उधोग जगत का जाना-माना चेहरा है। संजीव गोयनका आरपी-संजीव गोयंका ग्रुप के अध्यक्ष हैं। संजीव की गोयनका समूह में 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा सम्पत्ति का आधार है। उनकी सारी कंपनियों के समूह में 50000 से ज्यादा कर्मचारी है। गोयनका समूह हर साल 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का कारोबार करता है।

गोयनका समूह की कंपनियों में सीईएससी लिमिटेड़, फर्स्टसोस सॉल्सूशंस लिमिटेड़, आईएसजीएन सॉल्यूशंस और स्पेन्सर रिटेल की कंपनियां शामिल है। आर.पी संजीव गोयनका ग्रुप के चैयरमैन संजीव गोयनका को आईआईटी खड्गपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नंस (बीओजी) का चैयरमैन बनाया। देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आर.पी संजीव गोयनका के चैयरमैन संजीव गोयनका को तीन साल के लिए पर इस पद पर मनोनीत किया। गोयनका आईपीएल के राईजिंग पुणे टीम का मालिक भी है। 2015 में संजीव गोयनका को बंगाल सरकार की तरफ से बंगा विभुषन, जो पश्चिम बंगाल का सर्वोच्च नागरिक का सम्मान है, से नवाजा गया था।

  1. आनन्द बर्मन

कुल सम्पत्ति– 10,000 करोड़ रूपए

आनंद बर्मन

आनंद बर्मन एक भारतीय मूल के व्यापारी हैं। आनन्द एक प्रमुख उपभोक्ता वस्तुओं की डॉबर कंपनी के अध्यक्ष हैं। डॉबर कंपनी पिछले तीन दशकों से भारत के बाजारों में नम्बर एक पर धाक जमाए बैठी है। आनन्द बर्मन ने कैनस विश्वविधालय से पढ़ाई पूरी कर डिग्री प्राप्त की।

बर्मन 1986 में अपने परिवार के व्यापार में शामिल हुए और अपने दमखम से डाबर कंपनी को शिखर पर ले गए। 2007 में आनन्द बर्मन डाबर कंपनी के चैयरमैन बने।

  1. सुब्रत रॉय

कुल संपत्ति – 6000 करोड़ रूपए

सुब्रत रॉय संपत्ति

सुब्रत रॉय एक उधोग जगत के प्रसिद्ध व्यापारी है। सुब्रत रॉय सहारा इंडिया के अध्यक्ष है। सहारा इंडिया कई कंपनियों के संगठन से मिलकर बना एक समूह है। और इस समूह के मालिक सुब्रत रॉय है। सुब्रत रॉय ने 1978 में सहारा फाइनेंस के नाम से एक वित्तिय रूप से संघर्ष कर रही कंपनी में शामिल हुए थे बाद में उन्होंने अपने टैलेन्ट के दम पर कंपनी के वित्त मॉडल को बदल दिया और तब से वह कंपनी भारत में सबसे बड़ी और सबसे लाभदायक कंपनी के रूप में उभरी।

सुब्रत रॉय का नाम कई प्रकार के अवैध गैर-कानूनी कामों में शामिल है इसके लिए उन्हें जेल भी हो चुकी है और साथ ही उनकी सम्पत्ति को भी छीन लिया गया है। इसके बावजूद भी सुब्रत रॉय 2014 में भारत के शीर्ष 10 शक्तिशाली लोगों में से एक थे।

  1. पूर्णेंदु चटर्जी

कुल सम्पत्ति– 5000 करोड़ रूपए

पुर्णेन्दु चटर्जी

पूर्णेंदु चटर्जी उधोग जगत के बड़े व्यापारी है। पूर्णेंदु चटर्जी, चटर्जी समूह के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। चटर्जी आईएसबी, हैदराबाद के कार्यकारी निदेशक भी रहे हैं। पूर्णेंदु चटर्जी ने आईआईटी खड़गपुर से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में खोजकर्ता सहयोगी के रूप में काम किया। टीसीजी ग्रुप आज देश भर में कई क्षेत्रों में काम करता है, जिसमें रियल एस्टेट, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, विज्ञान आदि शामिल हैं। इस समूह ने कई प्रकार के व्यवसायों में 8000 से ज़्यादा लोगों को रोजगार दिया था, जिसकी वजह से चटर्जी ग्रुप काफी लोकप्रिय बना।

 

ऊपर दिये गए सभी आंकड़े हाल ही में फोर्ब्स द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट से लिए गए हैं। इसमें किसी तरह के संपादन या अन्य किसी विषय में जानकारी के लिए आप कमेंट के जरिये हमे लिख सकते हैं।

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