बुधवार, जनवरी 22, 2020

कैबिनेट बैठक से पहले सचिवालय कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

Must Read

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप)...
पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

लखनऊ, 2 जुलाई (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश सचिवालय सेवा के कर्मचारी के साथ कैसरबाग के क्षेत्राधिकारी (सीओ) द्वारा की गई अभद्रता का मामला गरमा गया है।

लोक भवन में कैबिनेट बैठक के पहले कर्मचारी प्रदर्शन करने लगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भवन में मौजूद रहते इनका प्रदर्शन तेज होता गया। इस मामले में मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह का कार्यभार संभाल रहे अवनीश कुमार अवस्थी को तलब किया है।

सचिवालय सेवा संघ का आरोप है कि सोमवार को नियमित चेकिंग के दौरान समीक्षा अधिकारी मनोज प्रजापति के साथ सीओ कैसरबाग ने मारपीट की। आज कैबिनेट बैठक के दौरान धरना देने वाले कर्मचारी कानून एवं विधि मंत्री ब्रजेश पाठक से वार्ता के बाद धरना समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन ये लोग दोबारा लोक भवन में धरने पर बैठ गए। इनकी मांग दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की है।

प्रमुख सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी के साथ वार्ता भी चल रही है। अवस्थी ने कहा है कि 24 घंटे में शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले नाराज सचिवालय कर्मचारियों को मंत्री बृजेश पाठक के प्रमुख सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी मनाने पहुंचे।

ज्ञात हो कि कैसरबाग में कार छुड़ाने गए समीक्षा अधिकारी मनोज कुमार प्रजापति ने पुलिस पर थाने में बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया है। मनोज का आरोप है कि कैसरबाग के सीओ अमित कुमार राय के साथ दरोगा, सिपाही व होमगार्डो ने उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। घसीटते हुए हवालात में ले जाकर बंद कर दिया।

मनोज का आरोप है कि उनके खिलाफ पुलिस से मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में शांतिभग की कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। कई घंटे बाद उन्हें जमानत पर छोड़ा गया। उन्होंने सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा को आपबीती बताई, जिसके बाद सचिवालय कर्मियों में आक्रोश फैल गया।

इस बीच, इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने समीक्षा अधिकारी के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि समीक्षा अधिकारी ही अराजकता कर रहे थे। इस पर उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप) के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने...

झारखंड : नई सरकार के शपथ ग्रहण के 24 दिनों बाद भी नहीं हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, गैरों के साथ अपने भी कस रहे तंज!

झारखंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण 29 दिसंबर को हुआ था। अबतक 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार...

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मनाया 48 वां राज्य दिवस

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मंगलवार को अलग-अलग अपना 48वां राज्य दिवस मनाया। इस मौके पर कई रंगा-रंग कार्यक्रम पेश किए गए। राष्ट्रपति रामनाथ...

महाराष्ट्र : भाजपा ने राकांपा के मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई, बताया हिंदू विरोधी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के बायन पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -